एयरलाइंस कारोबार में उतरने की अदाणी ग्रुप की लंबे समय से चर्चा है। अब इस पर कंपनी के सीईओ का बयान आया है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) अरुण बंसल ने कंपनी के एयरलाइन कारोबार में उतरने की योजना के बारे में पूछे जाने पर मंगलवार को कहा कि अपने ग्राहकों के साथ प्रतिस्पर्धा करना कभी अच्छी रणनीति नहीं होती।
एयरलाइन कारोबार
उन्होंने एयरलाइन कारोबार में उतरने की योजना के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि एयरलाइन कंपनियां एएएचएल की ग्राहक हैं और अपने ग्राहकों के साथ प्रतिस्पर्धा करना कभी अच्छी रणनीति नहीं होती।
हवाई अड्डे कारोबार में अदाणी समूह
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संदर्भ में एएएचएल और अदाणी समूह को अलग-अलग देखा जाना चाहिए।
ऐसी खबरें आई थीं कि अदाणी समूह एयरलाइन कारोबार में उतरने को इच्छुक है। हालांकि, समूह ने ऐसी खबरों का खंडन किया था।
एएएचएल के तहत फिलहाल आठ हवाई अड्डे हैं। इन हवाई अड्डों पर सालाना करीब 10 करोड़ यात्रियों की आवाजाही होती है और कंपनी को उम्मीद है कि यह संख्या बढ़कर 30 करोड़ हो जाएगी।
हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर जोर
बंसल ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026’ सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि एएएचएल हवाई अड्डों के निजीकरण की प्रक्रिया में हिस्सा लेगी और अगले 10 साल में अपने हवाई अड्डों पर सालाना 30 करोड़ यात्रियों को संभालने का लक्ष्य रखती है।
मुंबई और नवी मुंबई हवाई अड्डे एएएचएल के पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं। बंसल ने कहा कि मुंबई हवाई अड्डे पर विमानों के परिचालन क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए काम चल रहा है और टर्मिनल-1 का नवीनीकरण 2030 की शुरुआत में पूरा होने की उम्मीद है।
इन हवाई अड्डों का संचालन करती है अडानी ग्रुप
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरु समेत आठ हवाई अड्डों का संचालन करती है। इसके अलावा, कंपनी नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी संचालन करती है। समूह ने हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे के विस्तार को अपने विमानन कारोबार की प्रमुख रणनीति के रूप में रखा है।
