यूपी में किराये पर घर लेना होगा आसान? सरकार ने तय की किरायानामे की फीस, देखें स्लैब

उत्तर प्रदेश में मकान, दुकान या दूसरी संपत्ति किराये पर लेने वालों के लिए अहम खबर है। सरकार ने लीज डीड की रजिस्ट्री फीस की अधिकतम सीमा तय कर दी है। जानिए सालाना किराये और एग्रीमेंट की अवधि के हिसाब से कितना शुल्क लगेगा।

उत्तर प्रदेश में मकान, दुकान या व्यावसायिक संपत्ति किराये पर लेने वालों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने पट्टा विलेख यानी लीज डीड की रजिस्ट्री फीस की अधिकतम सीमा तय कर दी है। स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब औसत सालाना किराये और लीज की अवधि के आधार पर रजिस्ट्री फीस की सीमा निर्धारित होगी। इस फैसले का उद्देश्य लीज डीड की रजिस्ट्री को आसान बनाना और लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। इससे आम लोगों के साथ-साथ दुकानों और व्यावसायिक संपत्तियों को किराये पर लेने वाले कारोबारियों को भी फायदा मिल सकता है।

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यूपी में किराये पर घर लेना होगा आसान?

दो लाख रुपये तक के सालाना किराये पर कितना शुल्क लगेगा?

अगर संपत्ति का औसत सालाना किराया दो लाख रुपये तक है, तो एक साल तक की लीज डीड की रजिस्ट्री के लिए अधिकतम 1,000 रुपये शुल्क लगेगा। एक साल से अधिक और पांच साल तक की अवधि के लिए अधिकतम फीस 2,000 रुपये तय की गई है। वहीं, पांच साल से अधिक और दस साल तक की लीज के लिए अधिकतम 4,000 रुपये शुल्क देना होगा।

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