5 Day Week in Banks : सरकार ने भारतीय बैंकर्स एसोसिएशन (IBA) द्वारा सभी शनिवार को बैंकिंग छुट्टी घोषित करने के प्रस्ताव पर स्पष्ट जवाब दिया है। 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह प्रस्ताव विचाराधीन है। सरकारी बैंक (PSBs) फिलहाल महीने के केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश देते हैं। कर्मचारियों को अन्य शनिवार को भी छुट्टी मिलने का इंतजार है।
बैंकों में 5 डे वीक पर आया सरकार का जवाब (तस्वीर-istock)
5-दिन बैंकिंग सप्ताह क्या है?
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) ने सभी शनिवार को बैंकिंग छुट्टी बनाने का प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि इससे प्रोडक्टिविटी, ग्रोथ, कार्यक्षमता और नैतिक वर्कप्लेस को बढ़ावा मिलेगा।
संसद में उठे सवाल
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने IBA के 5-दिन बैंकिंग सप्ताह (5 Day Week in Banks) प्रस्ताव, उसकी कार्यान्वयन प्लानिंग, स्टाफ की कमी और अन्य मुद्दों पर सरकार से कई सवाल किए।
- सरकार ने IBA के इस प्रस्ताव पर क्या कदम उठाए हैं?
- क्या सरकार इसे लागू करने पर विचार कर रही है?
- क्या स्टाफ की कमी के कारण प्रस्ताव रुका हुआ है?
- स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
- 5-दिन बैंकिंग सप्ताह (5 day banking week) लागू करने की कोई टाइमलाइन है?
सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया
IBA ने सभी शनिवार को बैंकिंग अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव दिया है। 20 अगस्त 2015 के नोटिफिकेशन के तहत, भारत में बैंकिंग सेक्टर में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बोर्ड-शासित संस्थाएं हैं, और हर बैंक अपनी व्यवसायिक, शाखाओं, सेवानिवृत्ति आदि को ध्यान में रखकर स्टाफ नियुक्ति करता है।
31 मार्च 2025 तक, PSBs में 96% स्टाफ उनकी जरुरत के अनुरूप तैनात है। शेष 4% का अंतर सेवानिवृत्ति और अन्य अप्रत्याशित कारणों से स्टाफ की कमी के कारण है। सरकार ने फिलहाल 5-दिन बैंकिंग सप्ताह लागू करने के लिए कोई निश्चित समय सीमा घोषित नहीं की है।
