क्या आप भी अपने मेन अकाउंट से करते हैं UPI? जानें यूपीआई के लिए अलग बैंक अकाउंट होना क्यों है जरुरी

अगर आप भी अपने सेविंग या प्राइमरी अकाउंट से ही UPI पेमेंट करते हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, एक ही बैंक से UPI पेमेंट करते हैं तो आपको कई नुकसान हो सकते हैं।

आज के समय में चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, हर जगह UPI के जरिए भुगतान करना सबसे आसान तरीका बन गया है। हम दिन भर में कई छोटे-बड़े ट्रांजेक्शन करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस बैंक खाते (Bank account) में आपकी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी या आपकी सैलरी आती है, उसी को हर जगह UPI से लिंक करना कितना सुरक्षित है? वित्तीय विशेषज्ञ अब यह सलाह दे रहे हैं कि सुरक्षा और बजट को ध्यान में रखते हुए UPI पेमेंट्स के लिए एक अलग बैंक खाता रखना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। आइए आपको डिटेल में समझाते हैं कि UPI के लिए आपको अलग बैंक अकाउंट और सेविंग के लिए अलग बैंक अकाउंट क्यों रखना चाहिए?

UPI Rules RBI

सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच

UPI के लिए अलग खाता रखने का सबसे बड़ा कारण 'सुरक्षा' है। जब आप अपना Primary Account हर ऐप और क्यूआर कोड के साथ लिंक करते हैं, तो साइबर धोखाधड़ी का जोखिम बढ़ जाता है। अगर किसी कारण आपका UPI पिन लीक हो जाता है या आप किसी फिशिंग स्कैम (Phishing Scam) का शिकार हो जाते हैं, तो जालसाज आपके पूरे बैंक बैलेंस को साफ कर सकते हैं। इसके विपरीत, अगर आप एक अलग सेकेंडरी अकाउंट रखते हैं और उसमें केवल उतना ही पैसा रखते हैं जितना खर्च करना है, तो बड़े वित्तीय नुकसान का खतरा काफी कम हो जाता है।

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