पीपीएफ (Public Provident Fund) लंबे समय के लिए बचत और निवेश करने का एक लोकप्रिय विकल्प है। इसमें पैसा जमा करने पर सरकार की ओर से तय ब्याज मिलता है। PPF की खास बात यह है कि इसमें मिलने वाला ब्याज टैक्स के लिहाज से भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि PPF में पैसा जमा करने की तारीख भी आपके रिटर्न पर असर डाल सकती है?
PPF में 5 तारीख से पहले क्यों करें निवेश (AI Generated Image)
PPF खाते में ब्याज की गणना हर महीने की जाती है। इसके लिए महीने की 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन तक खाते में मौजूद सबसे कम बैलेंस को आधार बनाया जाता है।
5 तारीख से पहले पैसा जमा करने का क्या फायदा?
पीपीएफ में 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने के फायदे को एक आसान उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए आपके PPF खाते में पहले से 1 लाख रुपये हैं और आप अप्रैल महीने में 50 हजार रुपये और जमा करना चाहते हैं। अगर यह रकम 5 अप्रैल से पहले खाते में जमा हो जाती है तो अप्रैल महीने की ब्याज गणना में 1.50 लाख रुपये का बैलेंस शामिल हो सकता है। लेकिन अगर यही रकम 6 अप्रैल को जमा की जाती है तो अप्रैल के लिए ब्याज की गणना पुराने 1 लाख रुपये के बैलेंस पर ही हो सकती है।
इसका मतलब यह हुआ कि सिर्फ कुछ दिनों के अंतर से उस महीने जमा की गई रकम पर एक महीने का ब्याज छूट सकता है। रकम छोटी हो तो अंतर कम दिखाई देगा, लेकिन लंबे समय तक बड़ी रकम जमा करने पर इसका असर बढ़ सकता है।
क्या हर महीने 5 तारीख से पहले पैसा जमा करना जरूरी है?
हालांकि, हर महीने 5 तारीख से पहले पैसा जमा करना एक अनिवार्य शर्त नहीं है। निवेशक वित्तीय वर्ष के दौरान अपनी सुविधा के अनुसार योगदान कर सकते हैं। लेकिन अगर आपका उद्देश्य PPF से मिलने वाले ब्याज को अधिकतम करना है तो महीने की 5 तारीख से पहले योगदान करना फायदेमंद हो सकता है।
PPF में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। निवेशक चाहें तो पूरी रकम एक साथ जमा कर सकते हैं या इसे अलग-अलग किस्तों में जमा कर सकते हैं।
PPF में निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान
PPF एक लॉन्ग टर्म निवेश है। इसका सामान्य कार्यकाल 15 साल होता है। इसके बाद नियमों के अनुसार खाते को आगे 5-5 साल की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है। PPF में ब्याज सालाना क्रेडिट किया जाता है, हालांकि इसकी गणना मासिक आधार पर होती है। इसलिए PPF में निवेश करते समय केवल ब्याज दर देखना ही काफी नहीं है। आपको यह भी देखना चाहिए कि आप कितनी रकम नियमित रूप से जमा कर सकते हैं।
