'देखो और इंतजार करो', RBI ने क्यों अपनाई यह पॉलिसी?

Wait and Watch Policy: आरबीआई ने महंगाई जोखिमों और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए ब्याज दरें 5.25% पर स्थिर रखी हैं। केंद्रीय बैंक ने सतर्कता बरतते हुए 'देखो और इंतजार करो' का रुख अपनाया है।

Wait and Watch Policy : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए 'देखो और इंतजार करो' (Wait and Watch) की नीति अपनाई है। हाल ही में जारी एमपीसी की बैठक के ब्योरे (मिनट्स) से यह साफ हुआ है कि महंगाई (Inflation) और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच केंद्रीय बैंक फिलहाल जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहता। हालांकि, खाने-पीने की चीजों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई का खतरा बना हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि देश में कीमतें अभी तक व्यापक रूप से नहीं बढ़ी हैं।

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महंगाई के मोर्चे पर आरबीआई की बड़ी चाल

रेपो रेट स्थिर, अर्थव्यवस्था को मिला सहारा

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में हुई छह सदस्यीय एमपीसी की बैठक में सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही स्थिर रखने का फैसला किया गया। इसका मतलब है कि आम जनता के लिए लोन की ब्याज दरों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी या कटौती नहीं होगी। बैठक में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर चल रही तमाम चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। देश में बढ़ती मांग, निवेश और मजबूत निर्यात ने आर्थिक वृद्धि दर को संभाले रखा है। पश्चिम एशिया में तनाव और असामान्य मानसून के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत का आर्थिक प्रदर्शन उम्मीद से काफी बेहतर रहा है।

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