सेविंग्स अकाउंट खाली कर एफडी करा रहे हैं लोग? RBI ने बता दी वजह

लोग अब सेविंग्स अकाउंट छोड़कर धड़ाधड़ FD करा रहे हैं। आरबीआई आंकड़ों के मुताबिक, कुल बैंक जमा में सेविंग्स अकाउंट की हिस्सेदारी मार्च 2022 के 34.6% से भारी गिरावट के साथ मार्च 2026 में घटकर महज 28.7% रह गई है।

भारतीयों के लिए पैसा बचाने और उसे सुरक्षित रखने का सबसे भरोसेमंद जरिया हमेशा से बैंक रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से देश के बैंकिंग सेक्टर में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक ताजा रिपोर्ट ने इस बात का खुलासा किया है कि अब लोग अपने सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) में पैसा छोड़ने के बजाय, उसे निकालकर धड़ाधड़ फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (Fixed Deposit) में शिफ्ट कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों के कुल डिपॉजिट में टर्म डिपॉजिट (FD) की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 61.6 फीसदी तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि भारतीय सेवर्स (बचतकर्ताओं) का मूड अब पूरी तरह बदल चुका है और वे अपने पारंपरिक सेविंग्स अकाउंट से दूरी बना रहे हैं।

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आखिर सेविंग अकाउंट से FD पर क्यों शिफ्ट हो रहे लोग?

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर लोग ऐसा कर क्यों रहे हैं? रिजर्व बैंक ने इसके पीछे की जो सबसे बड़ी वजह बताई है, वह है ब्याज दरों का बड़ा अंतर (Interest Rate Differential)। पिछले कुछ समय में आरबीआई ने महंगाई पर काबू पाने के लिए रेपो रेट में बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद बैंकों ने एफडी पर मिलने वाले ब्याज में तगड़ा इजाफा किया है। आज के समय में कई बैंक एफडी पर 7 से 8 फीसदी या उससे भी ज्यादा का ब्याज दे रहे हैं। इसके उलट, ज्यादातर बड़े बैंकों में सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज आज भी महज 2.75 से 3 प्रतिशत के आसपास ही सिमटा हुआ है। ऐसे में आम जनता को साफ दिख रहा है कि सेविंग्स अकाउंट में पैसा रखने से उन्हें हर साल सीधे तौर पर नुकसान हो रहा है, जबकि एफडी में उन्हें दोगुने से ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। यही नहीं आरबीआई आंकड़ों के मुताबिक, कुल बैंक जमा में सेविंग्स अकाउंट की हिस्सेदारी मार्च 2022 के 34.6% से भारी गिरावट के साथ मार्च 2026 में घटकर महज 28.7% रह गई है।

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