SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, RBL बैंक और यस बैंक क्यों नहीं बताना चाहते डिफॉल्टरों, NPA की लिस्ट? जानें डिटेल

Bank Se Judi Khabaren: बैंक ऑफ बड़ौदा, आरबीएल बैंक, यस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक ने केंद्रीय सूचना आयोग से डिफॉल्टरों, एनपीए की सूची, लगाए गए जुर्माने और निरीक्षण रिपोर्ट को सार्वजनिक करने पर आपत्ति जताई है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक का कहना है कि आरटीआई अधिनियम के तहत इन जानकारियों का खुलासा किया जा सकता है।

Bank Se Judi Khabaren: देश के प्रमुख बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा, आरबीएल बैंक, यस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) का रुख किया है। इन बैंकों ने डिफॉल्टरों, एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों), लगाए गए जुर्मानों और निरीक्षण रिपोर्ट से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक करने पर आपत्ति जताई है। बैंकों का कहना है कि इस तरह की सूचनाओं के खुलासे से उनके बिजनेस हितों को नुकसान पहुंच सकता है।

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आरटीआई बनाम बैंकिंग गोपनीयता

आरटीआई आवेदन और मांगी गई जानकारी

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक यह पूरा मामला सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दाखिल कुछ आवेदनों से शुरू हुआ। आरटीआई आवेदनकर्ताओं धीरज मिश्रा, वथिराज, गिरीश मित्तल और राधा रामन तिवारी ने भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) में अलग-अलग आवेदन देकर कई अहम जानकारियां मांगी थीं। इनमें यस बैंक के टॉप 100 एनपीए खातों और जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों की लिस्ट, एसबीआई और आरबीएल बैंक की निरीक्षण रिपोर्ट, और बैंक ऑफ बड़ौदा पर वैधानिक निरीक्षण के बाद लगाए गए 4.34 करोड़ रुपये के मौद्रिक जुर्माने से जुड़े दस्तावेज शामिल थे।

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