WPI January Data: रिटेल महंगाई में बढ़ोतरी के बाद थोक महंगाई दर (WPI Inflation) को लेकर राहत की खबर आई है। जनवरी में थोक महंगाई दर घटकर 4.73 फीसदी पर आ गई है। जो कि पिछले 2 साल का सबसे निचला स्तर है। थोक महंगाई दर में लगातार 8 महीने से गिरावट जारी है। दिसंबर में यह 4.95 फीसदी थी। वहीं अगर, साल 2022 के जनवरी महीने से तुलना की जाय तो उस वक्त यह 13.68 फीसदी के स्तर पर थी। निर्माण क्षेत्र के उत्पादों, ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में राहत के चलते महंगाई में गिरावट आई है। थोक महंगाई दर में कमी का असर फरवरी के रिटेल महंगाई के आंकड़ो में दिख सकता है। जो कि जनवरी में तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच कर 6.52 फीसदी हो गई है।
थोक महंगाई पर राहत
क्यों घटी थोक महंगाई दर
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार ,जनवरी, 2023 में थोक महंगाई दर में गिरावट खनिज तेल, रसायन और उसके उत्पाद, कपड़ा, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और खाद्य उत्पादों के दाम घटने के कारण आई। इस दौरान सब्जियां 26.48 प्रतिशत सस्ती हुईं। वहीं तिलहन की महंगाई दर 4.22 प्रतिशत घटी। इसी तरह ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर में भी कमी आई है। जबकि खाद्य महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है।
दाल और दूध महंगा
दालों और दूध के उत्पादों की महंगाई दर में तेजी देखी गई है। दालों की महंगाई दर 15.65 फीसदी पर आ गई है। जबकि दिसंबर 2022 में दालों की महंगाई दर 14 फीसदी पर थी। दूध के उत्पाद भी महंगे हुए हैं।
सोमवार को रिटेल महंगाई दर जनवरी 2023 6.52 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। जो कि तीन महीने का उच्चतम स्तर है। दिसंबर 2022 में रिटेल महंगाई दर 5.72 फीसदी पर थी।
