Who is Naresh Goyal: कभी 300 रुपये की सैलरी पाने वाला शख्स आज ईडी के गिरफ्त में हैं। उस पर 583 करोड़ के बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। दरअसल आज हम बात जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल की कर रहे हैं। लगभग 25 साल तक एयरलाइन के ऑपरेशन के बाद भारी कर्ज में डूबने के चलते अप्रैल 2019 में जेट एयरवेज बंद हो गई। कंपनी के मालिक नरेश गोयल पर विदेशी कंपनियों में पैसे लगाने के आरोप लगे। केनरा बैंक से जुड़े 538 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप भी लगा। आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। तो चलिए आज नरेश गोयल के संघर्ष, जेट एयरवेज को एयरलाइन कंपनी का सरताज बनाने से लेकर उसके खत्म होने तक की कहानी बताते हैं।
नरेश गोयल ने 1993 में ट्रेवल एजेंसी को बंद कर जेट एयरवेज की नींव रखी। तब केवल दो बोइंग 737-300 जेट्स थे।
1967 में जब एक 18 साल का लड़का खाली हाथ दिल्ली आया
साल 1967 एक 18 साल का लड़का खाली हाथ दिल्ली में पेट और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए अपने रिश्ते के चाचा चरणदास के पास गए। चाचा एक ट्रेवल एजेंसी चलाते थे जिसका ऑफिस अंसल भवन में था। 300 रुपये की सैलरी से करियर की शुरुआत की।
1993 में ट्रैवल एजेंसी से खोली जेट एयरवेज एयरलाइन
नरेश गोयल ने जब काम सीख लिया तब 1974 में अपनी खुद की ट्रेवल एजेंसी जेट एयर शुरू की। इसके बाद 1993 में ट्रेवल एजेंसी को बंद कर जेट एयरवेज की नींव रखी। तब उनके पास केवल दो बोइंग 737-300 जेट्स थे। जिसको वो चार्टेड प्लेन की तरह इस्तेमाल करते थे। 2002 आते-आते जेट एयरवेज ने मार्केट शेयर में एयर इंडिया को भी पीछे कर दिया।
2012 से शुरू हुआ भूचाल
जेट एयरवेज के हालात 2002 से लेकर के 2011 तक ठीक चल रह थे। शेयर मार्केट में IPO लॉन्च करने से लेकर सहारा एयरलाइन को 2250 करोड़ रुपये में खरीदने का काम इस दौरान नरेश गोयल ने किया। जेट एयरवेज को 27 नए हवाई जहाज, 12 फीसदी मार्केट शेयर और कई इंटरनेशनल रूट्स भी मिले। साल 2012 जुलाई में इंडिगो एयरलाइन ने मार्केट शेयर में रफ़्तार पकड़नी शुरू की। इसी बीच 2013 में एतिहाद (etihad airways) ने जेट एयरवेज में 24 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीद ली थी।
एक रुपये वाले कंपटीशन ने बिगाड़ी चाल
इंडिगो के तेजी से बढ़ने से जेट एयरवेज को काफी नुकसान होने लगा था। जेट का किराया इंडिगो के मुकाबले एक रुपया प्रति किलोमीटर ज्यादा था। 2015 में जेट एयरवेज इंडिगो के सस्ते टिकट बेचने के ऑफर से नुकसान हो रहा था। जेट एयरवेज को इंडिगो के मुकाबले हर सीट पर प्रति किलोमीटर सिर्फ 50 पैसे ज्यादा कमाई हो रही थी। इसके बाद कंपनी के हालात बिगड़ते चले गए। नवंबर 2018 से लेकर के अब तक जेट एयरवेज का शेयर गिरता गया। कंपनी को कई बार नुकसान उठाना पड़ा। 22 नवंबर 2018 को कंपनी स्वतंत्र निदेशक रंजन मथाई ने भी इस्तीफा दे दिया था। तब से ही कर्मचारियों को सैलरी भी मुश्किल से ही मिल पा रही थी।
साल 2022 में दर्ज हुई FIR
सीबीआई द्वारा 23 नवंबर 2022 को दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक केनरा बैंक के अधिकारियों ने जेट एयरवेज के नरेश गोयल, अनीता गोयल, आनंद शेट्टी और अन्य अज्ञात लोगों पर विश्वासघात का आरोप लगाया था। इनकी धोखाधड़ी की वजह से केनरा बैंक को 538.62 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस शिकायत के बाद ईडी ने पूछताछ के लिए गोयल को दो बार बुलाया था लेकिन इसके बावजूद भी वह पेश नहीं हुए थे।
गिरफ्तारी तक क्यों पहुंची बात
ईडी केनरा बैंक की शिकायत पर एक नया मामला दर्ज किया। जिसके बाद नरेश गोयल सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का नया मामला दर्ज हुआ। और गोयल के मुंबई और दिल्ली के आठ ठिकानों पर छापेमारी की गई। 538 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड के मामले छापेमारी के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ती चली गई। केनरा बैंक के मुताबिक जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड (जेआईएल) को 848.86 करोड़ रुपये के कर्ज मंजूर किए थे, जिनमें से 538.62 करोड़ रुपये बकाया हैं।
