1, 2, 3 या 5 साल की FD में कौन सी सबसे ज्यादा फायदेमंद? आसान शब्दों में समझें पूरा गणित

FD investment Strategy: फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि किसी निवेशक को एफडी कराने से पहले वित्तीय गोल सेट करना चाहिए। यानी उसे यह तय करना चाहिए कि जो पैसा वह एफडी में निवेश कर रहा है, उसकी जरूरत उसे कब होगी? उसी अनुसार उसे एफडी की अवधि का चयन करना चाहिए।

FD investment Strategy: देशभर के निवेशकों के बीच बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का जबरदस्त क्रेज है। यह क्रेज लंबे समय से बना हुआ है और कमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी वजह यह है कि बैंक एफडी निवेशकों को सुरक्षित निवेश के साथ एक फिक्स रिटर्न देने का काम करता है। इसलिए छोटे से बड़े निवेशक अपनी बचत के अनुसार एफडी में निवेश करते हैं। FD की जरबदस्त मांग का ही असर है कि तमाम बैंक 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि वाली एफडी ऑफर करते हैं। इन सब के बीच सवाल यह है कि किसी निवेशक को कौन सी अवधि के एफडी का चयन करना है। शायद, इस सवाल का जवाब आप भी ढूंढ रहे होंगे। आइए आपको बताते हैं कि 1, 2, 3 या 5 साल की FD में कौन सी सबसे ज्यादा फायदेमंद है। साथ ही किसी को एफडी की अवधि चुनने में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

बैंक एफडी

बैंक एफडी

सबसे पहले अपना वित्तीय गोल सेट करें

फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि किसी निवेशक को एफडी कराने से पहले वित्तीय गोल सेट करना चाहिए। यानी उसे यह तय करना चाहिए कि जो पैसा वह एफडी में निवेश कर रहा है, उसकी जरूरत उसे कब होगी? उसी अनुसार उसे एफडी की अवधि का चयन करना चाहिए। ऐसा करने से उसे सही फैसला लेने में मदद मिलेगी। साथ ही पैसे की जरूरत और अपने निवेश के बीच सही तालमेल बिठा पाएगा। कई बार निवेशक बिना-सोचे समझें एफडी कर देते हैं। बाद में उनको पैसे की जरूरत होती है और वे समय से पहले एफडी को तोड़ देते है। इससे उनको नुकसान उठाना पड़ता है। बैंक प्री-विड्रावल को लेकर पेनल्टी वसूलते हैं। इससे निवेशकों को कम रिटर्न मिलता है।

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