मैंने सोचा था एक SIP मिस होने से क्या होगा? लेकिन जो सच सामने आया उसने मेरे होश उड़ा दिए! आप भी न करें ये गलती

SIP में निवेश करना जितना आसान है, एक भी किस्त मिस करना उतना ही भारी पड़ सकता है। मैंने सोचा था कि ₹10,000 की एक इंस्टॉलमेंट छूटने से कुछ नहीं होगा, लेकिन बैंक पेनल्टी और कंपाउंडिंग के नुकसान ने गणित ही बिगाड़ दिया।

म्युचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने वाले ज्यादातर लोग सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP को सबसे सुरक्षित और आसान रास्ता मानते हैं। हम अक्सर सोचते हैं कि अगर किसी महीने बैंक खाते में पैसा न होने की वजह से 10,000 रुपये की एक किस्त (Installment) मिस हो गई, तो क्या फर्क पड़ेगा? अगले महीने दे देंगे! लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा कड़वी है। मैंने भी यही सोचा था, लेकिन जब मैंने इसके तकनीकी और आर्थिक परिणामों को देखा, तो समझ आया कि एक छोटी सी लापरवाही आपके लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के सपने को कैसे चोट पहुंचा सकती है।

SIP

बैंक की पेनल्टी का झटका

जैसे ही आपकी SIP की तारीख आती है और आपके बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता, तो सबसे पहला झटका आपका बैंक देता है। इसे 'ईसीएस रिटर्न' (ECS Return) या 'चेक बाउंस' की तरह देखा जाता है। बैंक इस गलती के लिए आपसे भारी जुर्माना वसूलते हैं, जो ₹250 से लेकर ₹750 तक हो सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पेनल्टी म्युचुअल फंड कंपनी (AMC) नहीं, बल्कि आपका अपना बैंक काटता है। यानी निवेश तो हुआ नहीं, ऊपर से जेब से फालतू पैसे भी निकल गए।

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