विदेशी निवेशक क्या कर मानेंगे? जून के पहले ही हफ्ते में निकाले ₹43,000 करोड़; जानिए अब आगे क्या होगा?

विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली जारी है। जून के पहले हफ्ते में एफपीआई ने रिकॉर्ड बिकवाली की है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय शेयर बाजार से अपनी हिस्सेदारी कम करना जारी रखा है और जून के पहले सप्ताह में करीब 43,000 करोड़ रुपये की निकासी की है। यह रुझान वैश्विक पूंजी के प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े अवसरों की ओर झुकाव तथा रुपये में जारी कमजोरी के बीच देखने को मिला है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, इस निकासी के साथ ही वर्ष 2026 में अब तक भारतीय शेयरों से एफपीआई की कुल निकासी बढ़कर 2.67 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जो पूरे 2025 में निकाले गए 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

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विदेशी निवेशक

क्यों पैसा निकाल रहे विदेशी निवेशक?

मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों, रुपये में गिरावट और वैश्विक बाजारों में विशेषकर प्रौद्योगिकी एवं एआई क्षेत्र में आकर्षक निवेश अवसरों के कारण एफपीआई भारतीय शेयर बाजार से दूरी बना रहे हैं। एल्फा एएमसी के संस्थापक राजेश सिंगला ने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती के अलावा, वैश्विक निवेशक वर्तमान में दुनिया भर में उभर रहे सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और एआई-संबंधित सार्वजनिक बाजार के अवसरों की ओर पूंजी को स्थानांतरित कर रहे हैं। आगामी स्पेसएक्स के आईपीओ और अग्रणी एआई कंपनियों के इर्द-गिर्द संभावित पूंजी बाजार गतिविधियों के कारण वैश्विक नकदी वहां आकर्षित हो रही है। इससे भारत सहित अन्य उभरते बाजारों से अस्थायी रूप से पूंजी बाहर जा रही है।

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