Dhanteras-Diwali 2024: धनतेरस और दिवाली के आसपास सोने की डिमांड अक्सर बढ़ जाती है। सोने की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं को सोने को एक भरोसेमंद संपत्ति के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया है। अपेक्षाकृत कम कीमत और अधिक औद्योगिक डिमांड के कारण चांदी लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है। धनतेरस, जिसे धन त्रयोदशी के तौर पर भी जाना जाता है, पांच दिवसीय दिवाली समारोह की शुरुआत का प्रतीक है।
धनतेरस और दिवाली पर क्या सोना खरीदना चाहिए या इक्विटी (तस्वीर-Canva)
पिछले एक साल (संवत से संवत) में चांदी 44 प्रतिशत से अधिक रिटर्न के साथ टॉप प्रदर्शन करने वाली धातु के रूप में उभरी है, इसके बाद सोना 39 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है जो शेयर बाजार के बेंचमार्क रिटर्न से काफी आगे है। इसी अवधि के दौरान बीएसई सेंसेक्स 24 प्रतिशत चढ़ा है जबकि निफ्टी 27 प्रतिशत चढ़ा है। ऐसे समय में जब सोने और चांदी की कीमतें अपने सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब पहुंच रही हैं, इक्विटी बाजार में हाल ही में आई गिरावट व्यक्तिगत शेयरों में अच्छी कीमत प्रदान करती है।
ET NOW से बात करते हुए मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (MOFSL) के राहुल शाह ने कहा कि सोना और इक्विटी दोनों का कॉम्बिनेशन पोर्टफोलियो को संतुलित रखता है। इस बार उन्होंने कहा कि धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदने के पारंपरिक तरीके के बजाय हाल ही में हुए सुधारों को देखते हुए इक्विटी काफी आकर्षक लग रही है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि दोनों (सोना और इक्विटी) का कॉम्बिनेशन बाजार अभी जिस स्थिति में है, मुझे लगता है कि पारंपरिक तरीके से खरीदारी करने के बजाय इक्विटी में खरीदारी करना अधिक समझदारी भरा है।
राहुल ने कहा कि मुझे लगता है कि पिछले 15-20 दिनों में हुए सुधार के चलते यहां से केवल इंडेक्स स्तर को देखने के बजाय व्यक्तिगत स्टॉक-विशिष्ट दृष्टिकोण में अच्छा दाम मिलता है। मुझे लगता है कि संवत 2081 से स्टॉक-विशिष्ट दृष्टिकोण होना चाहिए। इक्विटी अच्छा प्रदर्शन करती दिख रही है। उन्होंने कहा कि बाजार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और संवत 2081 में स्टॉक-विशिष्ट एक्शन में होगी।
(डिस्क्लेमर: यहां मुख्य तौर पर शेयर को लेकर जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।)
