What is CVV: आज के डिजिटल पेमेंट के दौर में डेबिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। आप भी डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते होंगे। आपने अपने कार्ड के पीछे मैग्नेटिक स्ट्रिप के पास लिखा तीन डिजिट का कोड यानि सीवीवी का इस्तेमाल भी किया होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीवीवी क्या है और इसका क्या काम होता है? इस आर्टिकल में आपको सीवीवी को लेकर ही जानकारी दे रहे हैं-
CVV क्या है (Photo: iStock)
CVV क्या होता है?
सीवीवी यानी कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू (Card Verification Value)। CVV एक 3 अंकों का सिक्योरिटी कोड होता है, जो आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड के पीछे (back side) मैग्नेटिक स्ट्रिप के पास लिखा होता है। यह कोड हर कार्ड के लिए अलग और यूनिक होता है।
यह कोड ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान आपकी पहचान वेरिफाई करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जब भी आप ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, तो कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट के साथ CVV डालना जरूरी होता है।
CVV का क्या काम है?
- CVV का मुख्य काम आपके ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाना है।
- यह सुनिश्चित करता है कि भुगतान करने वाला व्यक्ति वास्तव में कार्ड का मालिक है।
- यह एक अतिरिक्त सुरक्षा लेयर के रूप में काम करता है।
- ऑनलाइन पेमेंट को वैध (authenticate) करने में मदद करता है।
जब आप कोई ट्रांजैक्शन करते हैं तो बैंक CVV के जरिए यह जांचता है कि कार्ड आपके पास ही मौजूद है या नहीं।
CVV फ्रॉड से कैसे बचाता है?
CVV स्टोर नहीं किया जाता: नियमों के अनुसार, कोई भी वेबसाइट या मर्चेंट CVV को सेव नहीं कर सकता, जिससे डेटा चोरी होने पर भी इसका दुरुपयोग मुश्किल हो जाता है।
हर ट्रांजैक्शन में जरूरी: ऑनलाइन पेमेंट के लिए हर बार CVV डालना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है
हैकिंग से सुरक्षा: अगर किसी के पास आपका कार्ड नंबर और एक्सपायरी डेट भी हो, तब भी CVV के बिना ट्रांजैक्शन पूरा नहीं हो सकता
तुरंत वेरिफिकेशन: बैंक CVV के जरिए तुरंत कार्ड को वैलिडेट करता है, जिससे फ्रॉड की संभावना कम होती है
CVV को सुरक्षित रखने के जरूरी टिप्स
- अपना CVV किसी के साथ शेयर न करें
- केवल सुरक्षित और भरोसेमंद वेबसाइट पर ही कार्ड डिटेल डालें
- पब्लिक वाई-फाई पर ट्रांजैक्शन करने से बचें
- किसी कॉल या मैसेज पर CVV कभी न बताएं
