What is Comfort Tax: क्या है 'कम्फर्ट टैक्स'? जिसके लिए लोग चुका रहे हैं मोटी रकम

क्या आप जानते हैं कि 'कम्फर्ट टैक्स' क्या है? असल में यह कोई सरकारी टैक्स नहीं, बल्कि वह मोटी रकम है जो लोग फ्लाइट में अपनी मनपसंद सीट, एक्स्ट्रा लेगरूम और बेहतरीन आराम पाने के लिए कंपनियों को खुशी-खुशी दे रहे हैं।

आजकल के दौर में सफर करना सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना नहीं रह गया है, बल्कि लोग अपनी यात्रा को ज्यादा से ज्यादा आरामदायक और वीआईपी (VIP) बनाना चाहते हैं। इसी चाहत और जरूरत के बीच एक नया शब्द तेजी से उभरा है, जिसे 'कम्फर्ट टैक्स' (Comfort Tax) कहा जा रहा है। असल में यह कोई सरकार द्वारा लगाया गया आधिकारिक टैक्स नहीं है, बल्कि यह वह अतिरिक्त और मोटी रकम है जो ग्राहक अपनी मर्जी से सिर्फ थोड़े से आराम, एक्स्ट्रा लेगरूम, या अपनी पसंदीदा सीट (Preferred Seats) पाने के लिए विमान कंपनियों और ट्रैवल टूर ऑपरेटरों को खुशी-खुशी दे रहे हैं।

Comfort Tax

What is Comfort Tax: क्या है 'कम्फर्ट टैक्स'?

कम्फर्ट के लिए दे रहे ज्यादा पैसा

ब्रिटेन समेत दुनिया भर की एयरलाइंस और ट्रैवल इंडस्ट्री में यह ट्रेंड बहुत तेजी से देखा जा रहा है। लोग लंबी दूरी की फ्लाइट्स में सामान्य टिकट के अलावा सिर्फ इसलिए ज्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं ताकि उन्हें मनपसंद विंडो सीट मिल सके, फ्लाइट में पहले चढ़ने (Priority Boarding) का मौका मिले या पैरों को फैलाने के लिए थोड़ी ज्यादा जगह मिल जाए। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सफर की थकान से बचना चाहते हैं, और इसी मानसिक और शारीरिक सुकून (Comfort) के लिए वे कंपनियों द्वारा तय की गई भारी-भरकम फीस चुकाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

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