चीन की सबसे बड़ी ताकत क्या है? भारत से किन-किन सेक्टर में आगे

$20.85$ ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ चीन दुनिया का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब है, जिसका सप्लायर नेटवर्क भारत से पांच गुना बड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, भारी मशीनरी और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स में चीन का दबदबा है.

वैश्विक अर्थव्यवस्था में जब भी महाशक्तियों और मैन्युफैक्चरिंग हब की बात होती है, तो भारत और चीन की तुलना अपरिहार्य हो जाती है। यदि हम चीन की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत का विश्लेषण करें, तो वह है उसका 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम' (एकीकृत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र) और 'इकोनॉमी ऑफ स्केल' (बड़े पैमाने पर उत्पादन)। चीन दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जिसके पास सुदूर पूर्व से लेकर दक्षिण तक एक ऐसा सप्लायर नेटवर्क है, जहां किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद या मशीनरी को बनाने के लिए जरूरी हर छोटा-बड़ा पुर्जा (कंपोनेंट) मात्र 50 किलोमीटर के दायरे में मिल जाता है।

China India Power

चीन की सबसे बड़ी ताकत क्या है? भारत से किन-किन सेक्टर में आगे

कितनी है चीन की GDP?

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो वर्ष 2026 में चीन की नॉमिनल जीडीपी लगभग $20.85 ट्रिलियन (लगभग 21 ट्रिलियन डॉलर) के रिकॉर्ड स्तर पर है, जबकि भारत की जीडीपी करीब $4.2 ट्रिलियन के आसपास अनुमानित है। चीन की अर्थव्यवस्था का आकार भारत से लगभग पांच गुना बड़ा है और पीपीपी (क्रैशिंग पावर पैरिटी) के मामले में चीन $44 ट्रिलियन से अधिक के साथ दुनिया में पहले स्थान पर काबिज है। चीन की जीडीपी का लगभग 35.6% हिस्सा अकेले औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र (Secondary Sector) से आता है, जबकि भारत में मैन्युफैक्चरिंग का योगदान वर्तमान में जीडीपी का लगभग 17% ही है, जिसे भारत सरकार 2035 तक बढ़ाकर 25% करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

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