केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा अंतिम तिथि एक दिन बढ़ाए जाने के बाद, असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आज अंतिम तिथि है। आयकर विभाग ने ट्वीट किया है कि अबतक 7.30 करोड़ से ज्यादा रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। हालांकि, कई टैक्सपेयर्स ने आज भी इनकम टैक्स वेबसाइट स्लो होने और रिटर्न फाइल में समस्या आने की शिकायत सोशल मीडिया पर दर्ज कराई है। ऐसे में अगर आप आज भी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते हैं तो आयकर की धारा 139(4) के तहत Belated ITR फाइल कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि क्या है बिलेटेड रिटर्न?
इनकम टैक्स (Istock)
बिलेटेड रिटर्न क्या है?
बिलेटेड इनकम टैक्स रिटर्न वह होता है जो अंतिम तिथि के बाद लेकिन 31 दिसंबर 2025 से पहले फाइल किया जाता है। इस पर ₹5,000 का लेट फीस लगता है।
किसे दाखिल करना चाहिए?
बिलेटेड रिटर्न तब दाखिल किया जा सकता है जब कोई अंतिम तिथि तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है। इसका मतलब है कि करदाता 16 सितंबर से पहले रिटर्न दाखिल करने से चूक गया। ऐसा कई कारणों से हो सकता है। इस हालात में टैक्सपेयर को बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका मिलता है। हालांकि, इसके लिए उसे 5,000 रुपये का लेट फीस लगता है।
क्या यह अपडेटेड रिटर्न होता है?
नहीं, बिलिटेड रिटर्न अपडेटेड रिटर्न से बिल्कुल अलग होता है। अपडेटेड रिटर्न में टैक्सपेयर गलतियों को ठीक कर सकते हैं, छूटी हुई आय को जोड़ सकते हैं, या गलत रिपोर्टिंग को सुधार सकते हैं। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा एक आकलन वर्ष की समाप्ति से चार वर्ष (वित्त अधिनियम 2025) है। पहले, यह समय सीमा दो वर्ष थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 पेश करते हुए संसद को बताया कि 90 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने अतिरिक्त कर चुकाकर स्वेच्छा से अपनी आय अपडेट की है। जब रिटर्न शून्य हो या नुकसान का रिटर्न हो, तो आप अपडेटेड रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते।
