भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत दोस्ती और व्यापारिक रिश्ते बने हुए हैं। सोवियत संघ के समय से ही दोनों देशों के बीच व्यापार होता आ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में यह व्यापार और भी तेजी से बढ़ा है। अब यह अरबों डॉलर तक पहुंच गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि रूस आखिर भारत से इतना क्या खरीदता है?
भारत और रूस एक दूसरे से क्या-क्या लेते देते हैं? Pic Credit: iStock
भारत से क्या खरीदता है रूस?
रूस, भारत से कई तरह के कृषि उत्पाद और औद्योगिक सामान खरीदता है। इनमें सबसे ज़्यादा डिमांड इन चीजों की रहती है:
- झींगा (श्रिंप)
- चावल
- तंबाकू
- चाय और कॉफी
- मसाले
ये सभी चीजें भारत से भारी मात्रा में रूस को निर्यात की जाती हैं। इसके अलावा रूस, भारत से कुछ जरूरी औद्योगिक और मेडिकल प्रोडक्ट भी खरीदता है:
- फार्मास्युटिकल्स (दवाइयां)
- केमिकल्स
- मशीनों और उपकरणों के पुर्जे (पार्ट्स)
कितना बड़ा है व्यापार?
वर्तमान समय में भारत और रूस के बीच सालाना व्यापार 13 अरब डॉलर से अधिक का हो चुका है। भारत, रूस से मुख्य रूप से क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) खरीदता है, जबकि भारत से रूस को मुख्यतः खाद्य और औषधीय उत्पाद निर्यात किए जाते हैं।
क्यों है यह व्यापारिक रिश्ता खास?
यह रिश्ता केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास और साझेदारी पर टिका हुआ है। सोवियत संघ के जमाने से चली आ रही दोस्ती को अब नए आर्थिक आयाम मिल रहे हैं। वैश्विक तनाव के इस दौर में भी भारत और रूस के व्यापारिक संबंध लगातार मज़बूत हो रहे हैं।
क्या कहता है भविष्य?
भारत की खेती, दवा उद्योग और मसाला व्यापार की ताकत अब रूस जैसे बड़े देश की ज़रूरत बन चुकी है। साथ ही, रूस में भारतीय उत्पादों की बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि भविष्य में यह व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।
