आज के समय में कई लोग चाहते हैं कि उन्हें जिंदगी भर नौकरी न करनी पड़े और वे कम उम्र में ही आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो जाएं। इसी सोच पर F.I.R.E स्ट्रैटेजी आधारित है। इसमें व्यक्ति अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बचाता है, गैर-जरूरी खर्च कम करता है और बचाए हुए पैसे को लंबे समय तक निवेश करता है। इसका उद्देश्य इतना पैसा जुटाना है कि नौकरी से मिलने वाली नियमित सैलरी के बिना भी रोजमर्रा के खर्च पूरे किए जा सकें। हालांकि, जल्दी रिटायर होने के लिए केवल बचत करना काफी नहीं है, बल्कि सही निवेश और भविष्य के खर्चों की योजना बनाना भी जरूरी है।
F.I.R.E स्ट्रैटेजी से जानें कितने पैसे की होगी जरूरत
कितने पैसे का रिटायरमेंट फंड चाहिए?
F.I.R.E के तहत एक सामान्य नियम 25 गुना सालाना खर्च का है। यानी आप एक साल में जितना पैसा खर्च करते हैं, उसका 25 गुना रिटायरमेंट फंड बनाने का लक्ष्य रख सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपका सालाना खर्च 5 लाख रुपये है, तो इस नियम के हिसाब से आपको 1.25 करोड़ रुपये का फंड चाहिए। अगर सालाना खर्च 10 लाख रुपये है, तो लक्ष्य 2.5 करोड़ रुपये होगा। वहीं, 15 लाख रुपये सालाना खर्च के लिए 3.75 करोड़ रुपये का फंड बनाना होगा। यह एक शुरुआती अनुमान है, गारंटी नहीं। खासकर भारत में महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च और लंबे समय तक रिटायरमेंट में रहने की जरूरत को देखते हुए ज्यादा रकम जुटाना जरूरी हो सकता है।
जल्दी रिटायर होने के लिए कैसे करें बचत?
इस रणनीति को अपनाने के लिए सबसे पहले अपनी मासिक कमाई और खर्च का हिसाब बनाएं। घर का किराया, राशन, बिजली, बीमा और अन्य जरूरी खर्च अलग रखें। इसके बाद देखें कि कहां गैर-जरूरी खर्च कम किए जा सकते हैं। कोशिश करें कि आय बढ़ने के साथ बचत भी बढ़े। कुछ लोग अपनी कमाई का 30 से 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा हिस्सा बचाने का लक्ष्य रखते हैं, लेकिन यह आपकी आय और जिम्मेदारियों पर निर्भर करेगा। बचत को केवल बैंक खाते में रखने के बजाय अपने लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य निवेश विकल्पों में बांटने पर विचार किया जा सकता है।
निवेश के साथ इन बातों का रखें ध्यान
जल्दी रिटायर होने की योजना बनाते समय महंगाई, बच्चों की शिक्षा, परिवार की जिम्मेदारियों, स्वास्थ्य बीमा और अचानक आने वाले खर्चों को नजरअंदाज न करें। नौकरी छोड़ने के बाद नियमित आय बंद हो सकती है, इसलिए ऐसा फंड बनाना जरूरी है जो लंबे समय तक खर्च संभाल सके। बाजार में निवेश से मिलने वाला रिटर्न निश्चित नहीं होता और खराब बाजार के दौरान निवेश की कीमत घट सकती है। इसलिए केवल 25 गुना खर्च वाले नियम पर निर्भर रहने के बजाय अपनी स्थिति के अनुसार वित्तीय योजना बनाएं।
