Global Stock Market Selloff: अमेरिकी शेयर बाजार में सोमवार को लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। ट्रंप सरकार की आक्रामक टैरिफ नीतियों और गहराते वैश्विक व्यापार युद्ध की चिंताओं ने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया। Dow Jones ने तीन सत्रों में अब तक 1,200 से अधिक अंक गंवा दिए, जबकि S&P 500 में शुक्रवार को 6% की गिरावट आई, जो मार्च 2020 की कोविड क्रैश के बाद सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट थी।
इतनी बड़ी गिरावट आखिरी बार 1933 में देखी थी! Wall Street से लेकर Dalal Street तक हाहाकार!
Nasdaq में बियर का कब्जा, निवेशकों में दहशत
Nasdaq अब अपने उच्चतम स्तर से 22% गिर चुका है, जिससे यह आधिकारिक तौर पर Bear Market में प्रवेश कर चुका है। टेस्ला, एपल और कैटरपिलर जैसे बड़े स्टॉक्स में 4-6% तक की गिरावट दर्ज की गई।
US ट्रंप सरकार का कड़ा रुख, राहत की कोई उम्मीद नहीं
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दिए एक बयान में कहा, "मुझे नहीं चाहिए कि कुछ गिरे, लेकिन इलाज के लिए दवा जरूरी होती है।" उनके इस रुख ने यह साफ कर दिया कि 10% टैरिफ हटाने की कोई जल्दबाजी नहीं है। वाणिज्य मंत्री हावर्ड लटनिक ने भी कहा कि ये शुल्क "कई दिनों और हफ्तों तक" लागू रहेंगे।
वैश्विक बाजारों पर भी पड़ी असर की मार
- Bitcoin $77,000 से नीचे गिरा
- क्रूड ऑयल $60 प्रति बैरल से नीचे
- हांगकांग का हैंग सेंग 13% टूटा — 1997 के बाद सबसे बड़ी गिरावट
- जर्मनी का DAX 10% लुढ़का
भारतीय बाजारों में भी तूफान, 16 लाख करोड़ डूबे
7 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में मची उथल-पुथल का असर Dalal Street पर भी दिखा, जहां एक ही दिन में ₹16 लाख करोड़ का बाजार पूंजीकरण साफ हो गया। यह जून 2024 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
India VIX जो कि घरेलू बाजार में डर का पैमाना है — में 66% की उछाल आई और यह 22.85 पर पहुंच गया, जो जून 4, 2024 के बाद की सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त है।
अगर गिरावट जारी रही...
अगर S&P 500 सोमवार को 4% से ज्यादा गिरावट के साथ बंद होता है, तो यह 1933 की ग्रेट डिप्रेशन के बाद पहली बार होगा जब लगातार तीन दिन इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली हो।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
