वेटिंग टिकट पर छपे ये सीक्रेट कोड्स तय करते हैं आपकी सीट कन्फर्म होगी या नहीं!

आपके टिकट पर लिखे छोटे-छोटे सीक्रेट कोड जैसे GNWL, RLWL या PQWL ही यह तय कर देते हैं कि आपका टिकट कन्फर्म होगा या नहीं? आइए आपको बताते हैं इनका मतलब।

कहीं भी जाने के लिए हम ट्रेन का टिकट बुक करवाते हैं। ट्रेन का सफर जितना आरामदायक और सुखद होता है, टिकट के वेटिंग लिस्ट (Waiting Ticket) में अटक जाने पर टेंशन उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है। अगर आपने भी हाल ही में सफर के लिए टिकट बुक किया है और वह अब भी वेटिंग में है, तो बार-बार अपना पीएनआर (PNR) स्टेटस चेक करके परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप पहले से ही खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि आपकी सीट पक्की (Confirm Ticket) होगी या नहीं। असल में, आपके टिकट पर लिखे छोटे-छोटे सीक्रेट कोड जैसे GNWL, RLWL या PQWL ही यह तय कर देते हैं कि आपके टिकट के कन्फर्म होने की कितनी गुंजाइश है। ऐसे में आइए बताते हैं इन कोड्स के बारे में जो बताते हैं आपकी सीट कन्फर्म होगी या नहीं?

Indian Railway Waiting Ticket

क्या है इन कोड्स का मतलब?

जब भी आप ट्रेन का वेटिंग टिकट देखते हैं, तो सबसे पहले उस पर GNWL (General Waiting List) कोड तलाशें। इसे 'जनरल वेटिंग लिस्ट' कहा जाता है और यह कोड तब मिलता है जब कोई यात्री ट्रेन के शुरुआती (ओरिजनेटिंग) स्टेशन या उसके आसपास के बड़े स्टेशनों से अपनी यात्रा शुरू करता है। पर्सनल फाइनेंस और ट्रेवल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सभी वेटिंग कैटेगरी में GNWL के कन्फर्म होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब भी ट्रेन में कोई मुख्य टिकट कैंसिल होता है, तो रेलवे सबसे पहले इसी लिस्ट के यात्रियों को कन्फर्म सीट देने को प्राथमिकता देता है। अगर आपका GNWL नंबर 20 से 30 के अंदर है, तो आप काफी हद तक निश्चिंत रह सकते हैं।

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