Vodafone Idea Share Price Target: वोडाफोन आइडिया ने वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें कंपनी का घाटा घटकर ₹7,166.1 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹7,674.6 करोड़ था। कंपनी की कुल आय 3.8% की सालाना वृद्धि के साथ ₹11,013.5 करोड़ रही। पूरे वित्त वर्ष FY25 में घाटा ₹27,383.4 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल के ₹31,238.4 करोड़ से कम है। कंपनी की वार्षिक आय 2.1% बढ़कर ₹43,571.3 करोड़ रही।
वोडाफोन - आइडिया शेयर प्राइस टारगेट।
एआरपीयू में 14% की बढ़ोतरी
वोडाफोन आइडिया ने बताया कि Q4 FY25 में उसका एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) ₹175 रहा, जो मार्च 2024 की तिमाही के ₹153 के मुकाबले 14.2% की बढ़ोतरी है। कंपनी ने कहा कि यह वृद्धि टैरिफ हाइक और कस्टमर अपग्रेड की वजह से हुई है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए ARPU एक अहम सूचक होता है।
कंपनी के बोर्ड ने ₹20,000 करोड़ तक की फंडरेज योजना को मंजूरी दी है, जो एक या अधिक चरणों में पब्लिक ऑफर, प्राइवेट प्लेसमेंट, QIP या अन्य वैध माध्यमों से की जाएगी। यह प्रस्ताव शेयरधारकों और नियामक मंजूरी के अधीन होगा। फंडरेज का उद्देश्य कंपनी की वित्तीय स्थिति को मज़बूत करना और भविष्य की योजनाओं को गति देना है।
कर्ज का बोझ अब भी भारी
मार्च 2025 तक वोडाफोन आइडिया पर बैंकों से लिया गया कर्ज ₹2,345.1 करोड़ था। इसके अलावा स्पेक्ट्रम और AGR से संबंधित भुगतान देनदारी ₹1,94,910.6 करोड़ है, जो 2044 और 2031 तक चुकाई जाएगी। सरकार की हिस्सेदारी स्पेक्ट्रम ड्यूज को इक्विटी में बदलने के बाद बढ़कर 49% हो गई है, जबकि प्रमोटरों की हिस्सेदारी अब 25.6% है, हालांकि कंपनी का संचालन प्रमोटर्स के हाथों में ही है।
शेयर प्राइस पर नजर: खरीदें या बेचें?
मार्केट एक्सपर्ट निमेश ठाकर के अनुसार, वोडाफोन आइडिया के शेयर फिलहाल एक लॉन्ग-टर्म सपोर्ट जोन ₹6.50–₹6.80 के पास ट्रेड कर रहे हैं। ऊपर की ओर ₹8.50 पर मजबूत रेजिस्टेंस है। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में किसी बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। निवेशक अगर लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड कर रहे हैं तो स्थिति बरकरार रखें, लेकिन फिलहाल नए निवेश से बचें। अगर शेयर ₹7.50–₹8 के स्तर तक जाए, तो बाहर निकलना बेहतर होगा।
वोडाफोन आइडिया की वित्तीय स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, खासकर घाटे में कमी और ARPU में सुधार के रूप में। हालांकि, भारी कर्ज और सीमित तकनीकी मूवमेंट को देखते हुए निवेशकों को अभी "वेट एंड वॉच" की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। जब तक शेयर ₹8.50 के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक किसी बड़ी तेजी की उम्मीद सीमित है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
