Vedanta Group:खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड की योजना डिबेंचर जारी कर 1,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की है।वेदांता लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि कंपनी के निदेशकों ने निजी नियोजन के आधार पर 1,000 करोड़ रुपये मूल्य के 1,00,000 गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) के आवंटन को मंजूरी दे दी है। वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड की अनुषंगी वेदांता लिमिटेड दुनिया की प्रमुख प्राकृतिक संसाधन कंपनियों में से एक है। वेदांता ने सितंबर, 2023 में धातु, बिजली, एल्युमीनियम और तेल एवं गैस कारोबार को अलग करने की घोषणा की थी।
वेदांता ग्रुप का प्लान
छह कंपनियों में बंट रहा है वेदांता ग्रुप
इसके पहले वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बताया कि कंपनी अपने विभिन्न कारोबार को अलग करने की योजना पर आगे बढ़ रही है, जिससे छह नई कंपनियां बनेंगी और व्यापक मूल्य हासिल किया जा सकेगा।वेदांता को अपने कारोबार को अलग करने की योजना के लिए ज्यादातर कर्जदाताओं से मंजूरी मिल गई है। यह कंपनी को छह स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित करने की योजना के लिए एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि अलग होने वाली प्रत्येक इकाई अपनी योजना खुद बनाएगी।
ये कंपनियां बनेंगी
वेदांता ने सितंबर, 2023 में धातु, बिजली, एल्युमीनियम और तेल एवं गैस कारोबार को अलग करने की घोषणा की थी। इस तरह छह स्वतंत्र कंपनियां- वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता स्टील एंड फेरस मटीरियल्स, वेदांता बेस मेटल्स और वेदांता लिमिटेड बनाई जाएंगी। इसके अलावा शेयरधारकों के पास फिलहाल वेदांता लिमिटेड के जितने शेयर हैं, उनमें से प्रत्येक शेयर पर उन्हें पांचों नई सूचीबद्ध कंपनियों का एक-एक शेयर अतिरिक्त रूप से मिलेगा।
