Vedanta Demerger, Business Split: माइनिंग सेक्टर की दिग्गज अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता अपने बिजनेस को 4 अलग-अलग कंपनियों में बांटने जा रही है। कंपनी का यह कदम बिजनेस स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और कर्ज प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वेदांता शेयर।
फरवरी 2025 में होगा डिमर्जर पर अंतिम निर्णय
कंपनी ने घोषणा की है कि 18 फरवरी 2025 को इक्विटी शेयरधारकों और लेनदारों (सेक्योर्ड और अनसेक्योर्ड) की मीटिंग होगी। इस मीटिंग में प्रस्तावित पुनर्गठन योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कंपनियों के नाम
वेदांता ने 2023 में 5 बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में स्प्लिट करने का प्लान बनाया था। हालांकि, नवंबर 2024 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के बाद कंपनी ने बेस मेटल्स बिजनेस को अलग करने का निर्णय वापस ले लिया। अब कंपनी 4 नई कंपनियों में स्प्लिट होगी।
कौन सी होंगी 4 नई कंपनियों जिसमें वेदांता होगी स्प्लिट
- वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड
- तलवंडी साबो पावर लिमिटेड
- माल्को एनर्जी लिमिटेड
- वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड
वेदांता डिमर्जर मीटिंग का समय
शेयरहोल्डर्स के लिए क्या है खास?
डिमर्जर के तहत वेदांता लिमिटेड के शेयरधारकों को हर 1 शेयर पर 4 नई कंपनियों के 1-1 शेयर मिलेंगे। इस प्लान को "सिंपल वर्टिकल स्प्लिट" का नाम दिया गया है।
डिमर्जर की समयसीमा
वेदांता का पूरा डिमर्जर 12 से 15 महीनों में पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा, वेदांता 65% हिस्सेदारी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में रखेगी और स्टेनलेस स्टील और सेमीकंडक्टर/डिस्प्ले के नए व्यवसायों को जारी रखेगी।
वेदांता शेयर प्राइस
शुक्रवार, 17 जनवरी 2025 को वेदांता का शेयर 0.93% की बढ़त के साथ 454.04 रुपये पर बंद हुआ था। बीते एक साल में इस मेटल स्टॉक ने 71% का शानदार रिटर्न दिया है। वेदांता लिमिटेड, जो वेदांता रिसोर्सेज की सहायक कंपनी है, इसका मार्केट कैप करीब 1,77,727.14 करोड़ रुपये है।
