Industrial Smart Cities: केंद्र सरकार ने 12 नए औद्योगिक स्मार्ट शहरों मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार (28 अगस्त 2024) को घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राज्यों में 12 नए औद्योगिक स्मार्ट शहरों को मंजूरी दी। इन पर 28,602 करोड़ रुपए खर्च किये जाएंगे। इन 12 औद्योगिक शहरों में से दो आंध्र प्रदेश और एक बिहार में बन रहे हैं। सरकार ने बजट में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और प्राइवेट सेक्टर के साथ साझेदारी में 100 शहरों में या उसके आसपास 'प्लग एंड प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित करने की घोषणा की थी।
देश में बनेंगे औद्योगिक स्मार्ट शहर
औद्योगिक स्मार्ट सिटी की खास बातें
- औद्योगिक स्मार्ट सिटी विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।
- भारत के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए इन पर 28,602 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- रोजगार की संभावना 10 लाख डायरेक्ट और 30 लाख तक इनडायरेक्ट नौकरियां मिलेंगी।
- निवेश की संभावना 1.5 लाख करोड़ रुपये आंकी गई।
- पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों पर औद्योगिक स्मार्ट सिटी बनेगी।
- नियोजित शहरीकरण के साथ 'प्लग-एन-प्ले' और 'वॉक-टू-वर्क' अवधारणाएं।
- निवेश को बढ़ावा देने और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए मजबूत, टिकाऊ बुनियादी ढाँचा बनेगा।
- निवेशकों के लिए आवंटित भूमि के साथ वैश्विक मूल्य सीरीज में भारत की भूमिका को मजबूत करेगा।
इन राज्यों में होंगे औद्योगिक स्मार्ट सिटी
यह कदम देश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए है, जिससे औद्योगिक नोड्स और शहरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा जो आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को काफी बढ़ावा देगा। 10 राज्यों में फैली और छह प्रमुख गलियारों के साथ रणनीतिक रूप से नियोजित ये परियोजनाएं भारत की मैन्यूफैक्चरिंग क्षमताओं और आर्थिक विकास को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग साबित होंगी। ये औद्योगिक स्मार्ट सिटी उत्तराखंड में खुरपिया, पंजाब में राजपुरा-पटियाला, महाराष्ट्र में दिघी, केरल में पलक्कड़, उत्तर प्रदेश में आगरा और प्रयागराज, बिहार में गया, तेलंगाना में जहीराबाद, आंध्र प्रदेश में ओर्वाकल और कोपार्थी और राजस्थान में जोधपुर-पाली में स्थित होंगे।
आठ औद्योगिक स्मार्ट सिटी पहले से ही विकास के चरण में हैं और बजट में 12 नए की घोषणा के साथ, देश में इन शहरों की कुल संख्या 20 तक पहुंच गई है। इस कदम से देश के सकल घरेलू उत्पाद में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी बढ़ाने और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।
