Corporate Success Stories : भारतीय कॉरपोरेट जगत में नोटबंदी, जीएसटी, कोविड-19 महामारी, वैश्विक ट्रेड वॉर और सप्लाई चेन की बाधाओं ने पिछले एक दशक में बिजनेस का पूरा समीकरण बदल दिया। 2015 से 2025 के बीच जहां कई कंपनियां इन झटकों से उबर नहीं पाईं, वहीं कुछ कंपनियों ने इन चुनौतियों को नए अवसरों में बदल दिया। इन 5 भारतीय दिग्गज कंपनियों की इसी असाधारण यात्रा को उजागर करने के लिए एक नई किताब 'द आर्ट ऑफ एंड्योरिंग: हाउ ग्रेट कंपनीज टर्न क्राइसिस इनटू अपॉर्चुनिटी' (The Art of Enduring: How Great Companies Turn Crisis into Opportunity) बाजार में आ रही है।
5 भारतीय कंपनियों की 'मास्टरक्लास' पर आ रही है नई किताब (तस्वीर-AI)
जाने-माने लेखकों की नई पेशकश
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इस पुस्तक को प्रसिद्ध लेखक और निवेशक सौरभ मुखर्जी और सलिल देसाई ने मिलकर लिखा है। यह किताब 14 सितंबर को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के 'बिजनेस' इंप्रिंट के तहत प्रकाशित होने जा रही है। लेखकों ने इसमें यह समझाने का प्रयास किया है कि कैसे इन कंपनियों ने मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते हुए एक मजबूत और टिकाऊ फ्रेंचाइजी का निर्माण किया।
कड़े पैमानों पर चुनी गईं ये 5 कंपनियां
लेखकों ने अपनी इस खोज की शुरुआत भारत की 500 सबसे बड़ी कंपनियों के आंकड़े खंगालकर की। उन्होंने ऐसी कंपनियों को चिन्हित किया जिन्होंने डेढ़ दशक (15 साल) तक लगातार देश की जीडीपी ग्रोथ को पीछे छोड़ा और 15 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) बनाए रखा। इस सख्त कसौटी पर खरी उतरने वाली 5 मुख्य कंपनियां, बजाज फाइनेंस, टाइटन, डॉ. लाल पैथलैब्स, डिवीज लैबोरेटरीज और टाटा एलेक्सी हैं।
संकट के दौर में भी हासिल की मजबूत बढ़त
यह किताब बारीकी से विश्लेषण करती है कि कैसे बजाज फाइनेंस ने कंज्यूमर लेंडिंग में क्रांति ला दी, टाइटन ने संगठित रिटेल में अपनी पकड़ मजबूत की, डॉ. लाल पैथलैब्स ने हेल्थकेयर जांच को आसान बनाया, डिवीज लैब्स ने फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन को संभाला और टाटा एलेक्सी ने टेक इनोवेशन में अपना परचम लहराया। इन सभी कंपनियों ने संकट के समय भी पीछे हटने के बजाय इनोवेशन और बेहतर प्रबंधन को प्राथमिकता दी।
बिजनेस जगत के लिए सफलता का खाका
'द आर्ट ऑफ एंड्योरिंग' केवल इन कंपनियों की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन प्रणालियों, कार्य-संस्कृति, रणनीतिक संपत्तियों और नेतृत्व क्षमता का खाका पेश करती है जो किसी भी व्यवसाय को लंबे समय तक टिके रहने में मदद करते हैं। यह पुस्तक आने वाले उद्यमियों, निवेशकों और कॉरपोरेट लीडर्स के लिए यह सीखने का एक बड़ा जरिया बनेगी कि कैसे लगातार बदलती दुनिया में बिना रुके आगे बढ़ते रहा जाता है।
