Trump Tariffs : अमेरिका की विभिन्न देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा विश्व व्यापार संगठन (WTO) के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन है और देशों को वैश्विक व्यापार निकाय की विवाद निपटान प्रणाली से संपर्क करने का पूरा अधिकार है। एक्सपर्ट्स ने यह कहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को भारत और चीन सहित लगभग 60 देशों पर 10-49 प्रतिशत तक के जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की। यह 9 अप्रैल से लागू होगा। उधर विश्व व्यापार संगठन (WTO) ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका के शुल्क के ऐलान का विश्व व्यापार और आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं पर काफी गंभीर प्रभाव पड़ेगा तथा इस वर्ष वैश्विक वस्तु व्यापार में लगभग एक प्रतिशत की कमी आ सकती है।
ट्रंप टैरिफ का पड़ेगा बुरा असर!
WTO नियमों का उल्लंघन
अंतरराष्ट्रीय व्यापार एक्सपर्ट अभिजीत दास ने कहा कि ये शुल्क स्पष्ट रूप से विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह एमएफएन (सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र) दायित्वों और दर को लेकर प्रतिबद्धता दोनों का उल्लंघन करता है। WTO के सदस्य देशों को विवाद निपटान प्रणाली से संपर्क करने का पूरा अधिकार है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका ने शुल्क लगाने के लिए अपने कार्यकारी आदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर आयात शुल्क लगाने की बात कही है। विवाद समाधान के लिए शीर्ष मंच, WTO अपीलीय निकाय वर्तमान में कार्य में नहीं है।
अमेरिका कह सकता है कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रावधान के तहत यह शुल्क लगाया है। लेकिन यह WTO पर निर्भर करेगा कि वह इस दलील को स्वीकार करता है या नहीं। अधिकारी ने कहा कि यदि आप कार्यकारी आदेश को देखें, तो अमेरिका ने इसे सही ठहराने के लिए कई तर्क दिये हैं। इसने इसके इर्द-गिर्द एक कहानी गढ़ी है। क्या इसके लिए कानूनी कदम की जरूरत है, यह देखना होगा क्योंकि कुछ देश निश्चित रूप से WTO से संपर्क करेंगे। हमें यह देखना होगा कि यह कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करता है या नहीं।
वैश्विक व्यापार पर पड़ेगा गंभीर असर
विश्व व्यापार संगठन (WTO) ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के शुल्क के ऐलान का विश्व व्यापार और आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं पर काफी गंभीर प्रभाव पड़ेगा तथा इस वर्ष वैश्विक वस्तु व्यापार में लगभग एक प्रतिशत की कमी आ सकती है। WTO की महानिदेशक नगोजी ओकोन्जो-इवेला का यह बयान अमेरिका के लगभग 60 देशों पर शुल्क लगाने के निर्णय के बाद आया है।
इवेला ने कहा कि WTO सचिवालय दो अप्रैल को अमेरिका के शुल्क लगाने के निर्णय की बारीकी से निगरानी और विश्लेषण कर रहा है। उन्होंने कहा कि कई सदस्य हमसे संपर्क कर चुके हैं और हम उनकी अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक व्यापार प्रणाली पर संभावित प्रभाव के बारे में उनके सवालों के जवाब में सक्रिय रूप से उनसे जुड़ रहे हैं।
महानिदेशक ने कहा कि हाल की घोषणाओं का वैश्विक व्यापार और आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं पर काफी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हालांकि, स्थिति तेजी से बदल रही है, लेकिन हमारे शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि इन कदमों के साथ-साथ वर्ष की शुरुआत से लागू किए गए उपायों के कारण इस साल वैश्विक वस्तु व्यापार में लगभग एक प्रतिशत की कमी आ सकती है।
इवेला ने यह भी कहा कि वह वस्तु व्यापार में इस गिरावट और अन्य देशों के जवाबी उपायों के साथ शुल्क युद्ध में वृद्धि की आशंका को लेकर बहुत चिंतित हैं। इससे व्यापार में और गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि इन नए उपायों के बावजूद, वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा अब भी WTO के सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) शर्तों के साथ है। हमारा अनुमान संकेत देता है कि यह हिस्सा वर्तमान में 74 प्रतिशत है, जो वर्ष की शुरुआत में लगभग 80 प्रतिशत था।
WTO सदस्य देशों को इन लाभ की रक्षा के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए। WTO महानिदेशक ने कहा क मैं सदस्यों से व्यापार तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए स्थिति को जिम्मेदारी से प्रबंधित करने का आह्वान करती हूं।
