बिजनेस

ट्रंप के टैरिफ का फायदा उठाएगा ये क्षेत्र, बढ़ सकता है देश का एक्सपोर्ट

निर्यातकों ने कहा कि हाल ही में अमेरिका के शुल्क बढ़ाने के बाद भारत एक फायदे की स्थिति में है, क्योंकि भारतीय निर्यातक तुलनात्मक रूप से अधिक शुल्क वृद्धि झेल रहे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में इस प्रभाव को आसानी से झेल सकते हैं। अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया है। खिलौना उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में भारत का खिलौना निर्यात 32.6 करोड़ डॉलर से 34.8 करोड़ डॉलर के बीच रहा है।

Image

ट्रंप के टैरिफ का फायदा उठाएगा ये क्षेत्र

Photo : iStock

Toy Industry India: भारतीय खिलौना उद्योग अमेरिका की तरफ से चीन एवं वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए उच्च सीमा शुल्क का फायदा उठाने के लिए तैयार है। निर्यातकों का कहना है कि घरेलू कंपनियों ने पहले ही क्षमता विस्तार और वैश्विक फर्मों के साथ संयुक्त उद्यम स्थापित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। निर्यातकों ने कहा कि हाल ही में अमेरिका के शुल्क बढ़ाने के बाद भारत एक फायदे की स्थिति में है, क्योंकि भारतीय निर्यातक तुलनात्मक रूप से अधिक शुल्क वृद्धि झेल रहे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में इस प्रभाव को आसानी से झेल सकते हैं।

अमेरिका ने कहां कितना लगाया शुल्क

अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया है जबकि वियतनाम पर 46 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 37 प्रतिशत, चीन पर 54 प्रतिशत, इंडोनेशिया पर 32 प्रतिशत और थाईलैंड पर 36 प्रतिशत शुल्क लागू हुआ है। प्लेग्रो टॉयज इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मनु गुप्ता ने कहा कि भारतीय निर्यातकों के लिए यह एक बड़ा अवसर है, क्योंकि अब अमेरिका में भारतीय खिलौनों पर प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम शुल्क लगेगा। उन्होंने बताया कि कई बड़ी खिलौना कंपनियां भारत में अपने संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाश रही हैं।

भारतीय खिलौना उद्योग बढ़ रहा

खिलौना उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में भारत का खिलौना निर्यात 32.6 करोड़ डॉलर से 34.8 करोड़ डॉलर के बीच रहा है। गुप्ता ने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते के जल्द पूरा होने से भारतीय खिलौना कंपनियों को अपने निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। सनलॉर्ड समूह के प्रवर्तक अमिताभ खरबंदा ने भी इस राय से सहमति जताते हुए कहा कि खिलौनों के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना की बजट घोषणा से इस क्षेत्र को और अधिक सहायता मिलेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों को निर्यात बढ़ाने के लिए अपनी उत्पादन क्षमताओं का तेजी से विस्तार करना होगा।

सरकार के कदमों से मिला प्रोत्साहन

सरकार द्वारा उठाए गए कदमों, जैसे अनिवार्य गुणवत्ता मानदंड और सीमा शुल्क में वृद्धि, ने घरेलू खिलौना कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और चीनी आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण रूप से मदद की है। वित्त वर्ष 2012-13 में चीन से भारत का खिलौना आयात 21.4 करोड़ डॉलर था, जो घटकर वित्त वर्ष 2023-24 में 4.16 करोड़ डॉलर रह गया। इससे भारत के खिलौना आयात में चीन की हिस्सेदारी 2012-13 के 94 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2023-24 में 64 प्रतिशत हो गई है।

pawan mishra
Pawan Mishra author

पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

और पढ़ें
End of Article