शादी के बाद जीवन में कई नई जिम्मेदारियां जुड़ जाती हैं। शादी के बाद नए घर की योजना, भविष्य के लिए बचत और परिवार की आर्थिक सुरक्षा जैसे फैसले काफी अहम हो जाते हैं। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस को नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है। ऐसे में आपको हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर कुछ गलतियां (Health Insurance Mistakes) करने से बचना चाहिए-
शादी के बाद हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर आप न करें ये गलतियां (AI Generated Image)
मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस की समीक्षा न करना
शादी के बाद नई पॉलिसी खरीदने से पहले दोनों पार्टनर को अपने मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस की समीक्षा करनी चाहिए। अगर किसी के पास कंपनी द्वारा दिया गया ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस या पहले से कोई व्यक्तिगत पॉलिसी है, तो उसकी सम इंश्योर्ड, वेटिंग पीरियड, एक्सक्लूजन और क्लेम प्रक्रिया को अच्छी तरह समझना जरूरी है। कई बार लोग बिना जांचे यह मान लेते हैं कि उनका मौजूदा कवर पर्याप्त है, जबकि बाद में जरूरत पड़ने पर ही वित्तीय मुसीबत आ पड़ती है।
फैमिली फ्लोटर और इंडिविजुअल पॉलिसी की तुलना
कई नवविवाहित दंपति बिना तुलना किए कोई भी पॉलिसी खरीद लेते हैं। अगर दोनों की उम्र कम है और स्वास्थ्य अच्छा है, तो फैमिली फ्लोटर प्लान बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं कुछ मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत पॉलिसी अधिक फायदेमंद साबित हो सकती है। इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार सही विकल्प चुनना जरूरी है।
मैटरनिटी कवर को नजरअंदाज करना
अगर आने वाले कुछ वर्षों में परिवार बढ़ाने की योजना है, तो मैटरनिटी बेनिफिट वाली पॉलिसी समय रहते खरीदनी चाहिए। अधिकांश हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं में मैटरनिटी कवर पर 2 से 4 साल तक का वेटिंग पीरियड होता है। इसलिए आखिरी समय तक इंतजार करना महंगा पड़ सकता है। कुछ पॉलिसियों में नवजात शिशु की देखभाल और टीकाकरण का लाभ भी मिलता है।
केवल कंपनी के हेल्थ इंश्योरेंस पर निर्भर रहना
कई लोग सोचते हैं कि ऑफिस का हेल्थ इंश्योरेंस ही काफी है, लेकिन यह सबसे बड़ी गलतियों में से एक हो सकती है। नौकरी बदलने या छोड़ने पर यह कवर समाप्त हो सकता है। इसलिए एक अलग व्यक्तिगत या फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी रखना हमेशा बेहतर माना जाता है।
माता-पिता के हेल्थ कवर को भूल जाना
शादी के बाद केवल पति-पत्नी की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि दोनों परिवारों के बुजुर्ग माता-पिता की स्वास्थ्य जरूरतों पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर उनके पास अलग से हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो भविष्य में इलाज का खर्च आपकी वित्तीय योजना पर बड़ा असर डाल सकता है।
भविष्य की जरूरतों की योजना न बनाना
हेल्थ इंश्योरेंस केवल आज की जरूरतों के लिए नहीं होता, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी सुरक्षा देता है। इसलिए पॉलिसी चुनते समय परिवार बढ़ने, मेडिकल महंगाई और बदलती स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। सही योजना भविष्य में बड़े आर्थिक बोझ से बचाने में मदद करती है।
