Rule Change: मार्च का महीना खत्म होने को है और नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है। हर साल की तरह इस बार भी 1 अप्रैल 2025 से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होंगे, जिनका असर आम आदमी की जेब से लेकर बैंकिंग और टैक्स सिस्टम तक पर पड़ेगा। इन बदलावों में LPG सिलेंडर की कीमतों, क्रेडिट कार्ड नियमों, बैंक खातों, UPI सेवाओं और टैक्स प्रावधानों में संशोधन शामिल हैं। आइए जानते हैं इन बदलावों के बारे में विस्तार से।
1 अप्रैल से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, हर घर और जेब पर पड़ेगा असर!
1. LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को तेल एवं गैस कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों में संशोधन करती हैं। 1 अप्रैल 2025 को भी इसमें बदलाव की संभावना है। 14 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में राहत मिल सकती है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। CNG और PNG गैस की दरों में भी बदलाव हो सकता है। एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के महंगे होने से हवाई यात्रा पर असर पड़ सकता है।
2. क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव
अगर आप SBI, IDFC First या Air India क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो इन पर मिलने वाले रिवॉर्ड और सुविधाओं में कटौती की जा रही है। SBI SimplyCLICK कार्ड पर Swiggy रिवॉर्ड को 5 गुना से घटाकर आधा कर दिया जाएगा। Air India सिग्नेचर पॉइंट्स को 30 से घटाकर 10 किया जाएगा। IDFC First बैंक क्लब विस्तारा माइलस्टोन रिवॉर्ड्स बंद कर रहा है।
3. UPI सेवाओं में बदलाव
अगर आप लंबे समय से UPI का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो आपका अकाउंट बंद हो सकता है। बैंकों द्वारा निष्क्रिय UPI अकाउंट्स को हटा दिया जाएगा। यदि आपके मोबाइल नंबर से जुड़ा UPI अकाउंट लंबे समय तक एक्टिव नहीं रहा, तो उसे डिएक्टिवेट किया जा सकता है।
4. बैंकिंग नियमों में बदलाव
बैंकों के सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस रखने के नियम बदले जा रहे हैं। SBI, PNB और अन्य बैंक सेक्टर वाइज न्यूनतम बैलेंस की नई सीमा तय करेंगे। खाते में निर्धारित न्यूनतम राशि न होने पर अलग-अलग चार्ज लागू हो सकते हैं।
5. टैक्स नियमों में बदलाव
वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में सरकार ने टैक्स स्लैब में कई बदलाव किए थे, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे। 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को टैक्स से छूट दी जाएगी। सैलरीड कर्मचारियों के लिए 75,000 रुपये तक की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगी।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर TDS की सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। किराये की आय पर छूट की सीमा बढ़ाकर 6 लाख रुपये सालाना कर दी गई है।
