क्रेडिट कार्ड पर चल रही दुनिया! एक साल में कर्ज अमेरिकी GDP जितना बढ़ा

दुनिया की आर्थिक रफ्तार धीमी हो रही है, लेकिन कर्ज की रफ्तार बढ़ रही है। पिछले साल ग्लोबल डेट में 29 ट्रिलियन डॉलर की तेजी आई, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका की जीडीपी के बराबर है। इस दौरान सरकारों का कर्ज 10 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया है।

क्या दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं कर्ज के बोझ तले दबी जा रही हैं? हालिया आंकड़े तो यही गवाही दे रहे हैं। साल 2025 में वैश्विक कर्ज (Global Debt) में 29 ट्रिलियन डॉलर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जो अकेले अमेरिका की कुल जीडीपी (GDP) के बराबर है। इसके साथ ही दुनिया का कुल कर्ज बढ़कर 348 ट्रिलियन डॉलर के नए शिखर पर पहुंच गया है। कोरोना महामारी के बाद किसी एक साल में कर्ज में आई यह सबसे बड़ी तेजी है। इस स्थिति के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार दुनिया भर की सरकारें हैं, जिन्होंने धड़ाधड़ कर्ज लिया है। आइए जानते हैं कि कर्ज का यह पहाड़ कैसे बना और इसका दुनिया और भारत पर क्या असर पड़ रहा है।

SBI credit card

सरकारों के कर्ज का रिकॉर्ड

वैश्विक कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा विभिन्न देशों की सरकारों का है। पिछले एक साल में सरकारों ने 10 ट्रिलियन डॉलर का भारी-भरकम कर्ज लिया है, जो कुल कर्ज बढ़ोतरी में करीब एक-तिहाई योगदान देता है। अमेरिका, चीन और यूरोप की सरकारों ने सबसे ज्यादा कर्ज लेकर अपने खजाने भरे हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि साल 2025 में सरकारों का कुल कर्ज बढ़कर 107 ट्रिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) पर पहुँच गया है।

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