मार्केट मैनिप्युलेशन के जरिये भारतीय बाजारा से अरबों रुपये का प्रॉफिट बटोरने वाले अमेरिकी ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट फिर विवादों में घिरी है। इस बार अमेरिका में इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप लगे हैं। क्रिप्टो की दुनिया में सबसे बड़ी तबाही की कहानी के केंद्र में रही कंपनी टेराफॉर्म लैब्स ने जेन स्ट्रीट पर आरोप लगाया है कि नॉन-पब्लिक जानकारी का इस्तेमाल कर जेन स्ट्रीट ने जमकर मुनाफा कमाया है।
टेराफॉर्म लैब्स बनाम जेन स्ट्रीट
क्या है पूरा मामला?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक मैनहैटन की फेडरल कोर्ट (यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क) में दायर शिकायत के मुताबिक, कोर्ट की तरफ से टेराफॉर्म-FTX पतन के मामले में नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर टॉड स्नाइडर ने आरोप लगाया है कि जेन स्ट्रीट ने “फ्रंट-रनिंग” कर ट्रेडिंग की और ठीक उस समय अपने संभावित एक्सपोजर को सैकड़ों मिलियन डॉलर तक कम कर लिया, जब टेराफॉर्म का इकोसिस्टम गिरने वाला था रिपोर्ट के मुताबिक स्नाइडर का कहना है कि कंपनी ने “मार्केट रिलेशनशिप का दुरुपयोग” कर अपने पक्ष में खेला और निवेशकों-कर्जदाताओं को नुकसान हुआ।
जेन स्ट्रीट ने क्या कहा?
जेन स्ट्रीट के प्रवक्ता ने इन आरोपों को “निराधार” और “पैसा वसूलने की कोशिश” बताते हुए कहा है कि कंपनी ने टेराफॉर्म की तरफ से किए गए इन इन दावों के खिलाफ “सख्ती से अपना बचाव” करेगी।
कैसे हुआ टेराफॉर्म का पतन?
2022 में टेराफॉर्म लैब्स की एल्गोरिदमिक स्टेबलकॉइन TerraUSD (UST) अमेरिकी डॉलर से अपना पेग खो बैठी। इसके बाद उसकी सहयोगी टोकन लूना धराशायी हो गया। इस गिरावट ने पूरे क्रिप्टो बाजार में चेन रिएक्शन शुरू किया और आखिरकार FTX एक्सचेंज के पतन तक पहुंचा।
टेराफॉर्म के संस्थापक पर आपराधिक मामला
टेराफॉर्म के सह-संस्थापक डू क्वोन पर निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगा है। उन्होंने धोखाधड़ी के आरोप में दोष स्वीकार किया और न्यूयॉर्क की अदालत ने उन्हें 15 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने इसे “एक पीढ़ी में हुई सबसे बड़ी धोखाधड़ी” में से एक करार दिया। क्वोन के पास टेराफॉर्म में 92% हिस्सेदारी थी। कंपनी के मामलों को समेटने और निवेशकों की वसूली अधिकतम करने के लिए टॉड स्नाइडर को ट्रस्ट एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया गया।
टेराफॉर्म ने किस पर मुकदमा किया?
इस मामले के एडमिनिस्ट्रेटर ने जेन स्ट्रीट के अलावा कंपनी के को-फाउंडर रॉबर्ट ग्रेनिएरी, ट्रेडर माइकल हुआंग और कर्मचारी ब्राइस प्रैट को भी प्रतिवादी बनाया गया है। दिलचस्प यह है कि दिसंबर में स्नाइडर ने प्रोप्राइटरी फर्म जंप ट्रेडिंग पर भी शिकागो की फेडरल कोर्ट में मुकदमा दायर किया था, जिसमें इसी तरह अवैध मुनाफाखोरी का आरोप लगाया गया।
क्यों अहम है यह केस?
यह मुकदमा सिर्फ एक ट्रेडिंग फर्म पर आरोप नहीं, बल्कि क्रिप्टो बाजार में “मार्केट मेकर” की भूमिका, एल्गोरिदमिक स्टेबलकॉइन की पारदर्शिता और संकट के समय इनसाइडर जानकारी के संभावित दुरुपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह वॉल स्ट्रीट ट्रेडिंग हाउस और क्रिप्टो मार्केट के रिश्तों पर दूरगामी असर डाल सकता है।
