सिर्फ बचत ही नहीं, बेहतर जिंदगी पर भी खर्च करना जरूरी! अपने पैरेंट्स को सिखाएं ये आदतें

अधिकतर भारतीय पैरेंट्स अपना जीवन बचत और खर्च में कटौती करते हुए बिताते हैं। हालांकि, अच्छी खासी पूंजी होने के बाद रिटायरमेंट के बाद भी यह आदत अच्छी साबित नहीं हो सकती है।

भारत में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने पूरी जिंदगी मेहनत कर अच्छी-खासी बचत जमा की है, लेकिन रिटायरमेंट (Retirement) के बाद भी वे अपने पैसों को खर्च करने से हिचकिचाते हैं। कई बार स्थिति ऐसी होती है कि बैंक खाते में करोड़ों रुपये होने के बावजूद लोग एयर कंडीशनर चलाने, छुट्टियों पर जाने या अपनी सुविधाओं पर पैसा खर्च करने से बचते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला पैसे की बचत से जुड़ा नहीं बल्कि एक मानसिकता और वित्तीय योजना से जुड़ी परेशानी का है।

Retirement life balance

रिटायरमेंट लाइफ बैलेंस (AI Generated Image)

अपना ही पैसा खर्च करने में असहजता क्यों?

विशेषज्ञ मानते हैं कि पिछली पीढ़ी के कई लोगों ने अपना जीवन बचत और खर्च में कटौती करते हुए बिताया। नौकरी के दौरान उनका मुख्य लक्ष्य बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदना और भविष्य के लिए पैसा जमा करना ही होता था। यही आदत रिटायरमेंट के बाद भी बनी रहती है। परिणाम यह होता है कि पर्याप्त बचत होने के बावजूद वे अपने ऊपर पैसा खर्च करने में असहज महसूस करते हैं।

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