Natrajan Chandrashekaran Motivational Quotes: नटराजन चंद्रशेखरन 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बनाए गए थे और ये टाटा संस के पहले चेयरमैन हैं जिनका टाटा परिवार से कोई रिश्ता नहीं है। इनका जन्म 2 जून 1963 को तमिलनाडु के मोहानुर में हुआ था और वो एक किसान के बेटे हैं। उन्होंने अपना प्रइमरी एजुकेशन पब्लिक स्कूल से किया और कोयंबटूर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बैचलर्स करने के बाद 1987 में इन्होंने रीजनल इजीनियरिंग कॉलेज से मास्टर्स डिग्री की।
नटराजन चंद्रशेखरन ने पढ़ाई पूरी करने के बाद टाटा कंसल्टिंग सर्विसेज से बतौर इंटर्न शुरुआत की।
टीसीएस में इंटर्नशिप से की शुरुआत
नटराजन चंद्रशेखरन ने पढ़ाई पूरी करने के बाद टाटा कंसल्टिंग सर्विसेज से बतौर इंटर्न शुरुआत की। धीरे-धीरे कंपनी में तरक्की करने के बाद 2007 में वो चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बने और 2009 में उन्हें टीसीएस का सीईओ बना दिया गया।
कंपनी में रहकर किए बड़े कारनामे
नटराजन ने टाटा के साथ काम करते हुए कई सारे कारनामे किए हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण 2022 में टाटा ग्रुप का एयर इंडिया को खरीदना था। इस एयरलाइन की शुरुआत 1932 में टाटा परिवार ने ही की थी।
2022 में मिला पद्मभूषण पुरुस्कार
नटराजन को कंपनी के लिए किए गए काम के अलावा समाज के लिए दिए अपने योगदान के चलते 2022 में पद्मभूषण पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। बताने की जरूरत नहीं है कि ये किसी भारतीय को मिलने वाले सबसे बड़े सम्मान में एक है।
टाटा परिवार ने नहीं है कोई नाता
नटराजन चंद्रशेखरन का टाटा परिवार से खून का रिश्ता नहीं है, यहां तक कि वो इस परिवार के दामाद भी नहीं हैं। उन्होंने खुदको कड़ी मेहनत और लगन से अपने आप को एक इंटर्न से टाटा संस के चेयरमैन पद तक पहुंचाया है।
युवाओं को देते रहते हैं सक्सेस मंत्र
नटराजन आंत्रप्रन्योर और युवा पीढ़ी को समय-समय पर सफलता के रास्ते दिखाते रहते हैं। उनकी कही इन सभी बातों को अगर आप समझ लें और अपने जीवन में उतार लें, तो सफलता के शीर्श पर पहुंचने से आपको कोई नहीं रोक सकता।
