TATA Motors:टाटा मोटर्स ने लोन सुविधा आसान करने के लिए बजाज फाइनेंस से हाथ मिलाया है। इसके तहत यात्री वाहन और इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए लोन लेना आसान हो जाएगा। बजाज फाइनेंस का इसके लिए टाटा मोटर्स की सहयोगी कंपनियां टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (TPEM) के साथ करार हुआ है। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियों के डीलरों को न्यूनतम गारंटी के साथ फाइनेंस की सुविधा मिलेगी। साथ ही डीलर्स के लिए वर्किंग कैपिटल जुटाना भी आसान होगा।
क्या हुई डील
कंपनी ने बयान में कहा कि टाटा मोटर्स की अनुषंगी कंपनियां टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (टीपीईएम) ने अपने यात्री तथा इलेक्ट्रिक वाहन डीलरों के वित्तीय समाधान का विस्तार करने के लिए बजाज फाइनेंस के साथ हाथ मिलाया है। एमओयू के तहत टीएमपीवी और टीपीईएम के डीलरों को न्यूनतम गारंटी के साथ फाइनेंस की सुविधा मिल सकेगी। टीपीईएम के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) एवं टीएमपीवी के निदेशक धीमान गुप्ता ने कहा कि बजाज फाइनेंस के साथ साझेदारी डीलर भागीदारों की बढ़ी हुई वर्किंग कैपिटल तक पहुंच को और मजबूत करेगी। बजाज फाइनेंस के उप-प्रबंध निदेशक अनूप साहा ने कहा कि इसके जरिये हम टीएमपीवी तथा टीपीईएम के अधिकृत यात्री व इलेक्ट्रिक वाहन डीलरों को पूंजी जुटाना आसान हो जाएगा। जो उन्हें बढ़ते यात्री वाहन बाजार द्वारा पेश किए गए अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा।
43000 करोड़ के निवेश की तैयारी
इसके पहले टाटा मोटर्स समूह ने नए उत्पादों और प्रौद्योगिकी पर चालू वित्त वर्ष (2024-25) के लिए निवेश लक्ष्य को बढ़ाकर 43,000 करोड़ रुपये करने का ऐलान किया है। इस निवेश में सबसे अधिक हिस्सा समूह की ब्रिटिश इकाई जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) को होगा। बीते वित्त वर्ष 2023-24 में टाटा मोटर्स समूह ने जेएलआर के लिए तीन अरब पाउंड (लगभग 30,000 करोड़ रुपये) और टाटा मोटर्स के लिए 8,000 करोड़ रुपये का निवेश तय किया था। इस तरह यह कुल मिलाकर यह 38,000 करोड़ रुपये बैठता है।
