Tata Consultancy Services ने गुरुवार 19 फरवरी को एक एक्सचेंज फाइलिंग में ओपन एआई के साथ हुई डील की जानकारी दी है। TCS ने फाइलिंग में बताया है कि Tata Group और चैट जीपीटी जैसा लोकप्रिय AI चैटबोट बनाने वाली कंपनी OpenAI के साथ मल्टी डायमेंशनल रणनीतिक साझेदारी शुरू की है। कंपनी के मुताबिक यह गठजोड़ के तहत कंपनी एंटरप्राइज लेवल पर, कंज्यूमर लेवल पर और सामाजिक क्षेत्रों में AI-आधारित इनोवेशन को बढ़ाने पर जोर देगी।
टाटा के डाटा सेंटर का ग्राहक बना ओपन एआई
HyperVault के जरिये 100MW AI क्षमता
TCS ने अपनी फाइलिंग में बताया है कि कंपनी की डाटा सेंटर सर्विस देने वाली HyperVault यूनिट और OpenAI ने भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए मल्टी ईयर समझौता किया है। इस समझौते के शुरुआती चरण में हायपरवॉल्ट की तरफ से 100 मेगावाट क्षमता का AI इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिसे आगे चलकर 1 गीगावाट तक बढ़ाने का विकल्प रहेगा। यह इंफ्रास्ट्रक्चर नेक्स्ट-जेनरेशन AI वर्कलोड को सपोर्ट करेगा और भारत को ग्लोबल AI हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
एंटरप्राइज लेवल पर बढ़ेगी प्रोडक्टिविटी
कंपनी की तरफ से फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक Tata Group के हजारों कर्मचारियों को Enterprise ChatGPT की सुविधा दी जाएगी। इसके जरिये इनोवेशन और उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही TCS, OpenAI के Codex का उपयोग कर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्षमताओं को और सुदृढ़ करेगा। यह पहल ग्रुप के भीतर AI-ड्रिवन वर्कफ्लो को मजबूत करेगी।
इंडस्ट्री-विशिष्ट AI समाधान और संयुक्त GTM
टीसीएस की तरफ से दी गई फाइलिंग में बताया गया है कि OpenAI की Agentic AI विशेषज्ञता और TCS की उद्योग-विशेष समझ को मिलाकर सेक्टर-आधारित समाधान तैयार किए जाएंगे। संयुक्त गो-टू-मार्केट रणनीति के तहत भारतीय और वैश्विक कंपनियों को OpenAI के उन्नत AI प्लेटफॉर्म्स के डिप्लॉयमेंट, इंटीग्रेशन और स्केलिंग में सहयोग दिया जाएगा।
सामाजिक प्रभाव और युवाओं की स्किलिंग
एंटरप्राइज लेवल पर प्रोडक्टिविटी के लिए AI के इस्तेमाल के साथ ही फाइलिंग में यह बताया गया है कि OpenAI Foundation और TCS मिलकर भारतीय युवाओं को AI प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराएंगे। लक्ष्य कम से कम 10 लाख युवाओं की आजीविका में सुधार लाना है। यह पहल जिम्मेदार AI उपयोग और व्यापक डिजिटल सशक्तिकरण पर केंद्रित होगी। कंपनी के अनुसार, यह साझेदारी इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण, एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन और सामाजिक प्रभाव—तीनों स्तरों पर भारत के AI इकोसिस्टम को नई गति देगी।
फोकस में रहेगा शेयर
पिछले दिनों एंथ्रोपिक के AI एजेंट की तरफ से प्रोग्रामिंग और कोडिंग क्षमताओं ने दुनियाभर की आईटी कंपनियों की नींव हिला दी है। इसकी वजह से TCS सहित तमाम आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल TCS का शेयर और ओपन एआई के साथ हुए इस गठजोड़ से निवेशकों के फोकस में रह सकता है।
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