Sugar Price May Rise: भारत में चीनी का सीजन अक्टूबर से अगले साल सितबंर तक रहता है। चीनी सीजन 2023-24 शुरू हो गया है। मगर इस सीजन में चीनी का उत्पादन घट सकता है। इसी वजह से आगामी फेस्टिव सीजन (Festive Season) में चीनी के दाम ऊंचे रह सकते हैं। यह अनुमान ऐसे समय पर लगाए जा रहे हैं, जब इंटरनेशनल मार्केट में भी चीनी के दाम काफी अधिक बने हुए हैं।
चीनी की कीमत बढ़ सकती है
एक्सपोर्ट पर लग सकती है रोक
देश में चीनी की मात्रा बढ़ाकर कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार इसके एक्सपोर्ट पर बैन लगा सकती है। आईसीआरए (ICRA) की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल-जुलाई के दौरान चीनी के दाम घरेलू स्तर पर 36 रु प्रति किलो रहे। मगर अगस्त-सितंबर के दौरान ये 39 रु तक बढ़े। यानी प्रति क्विंटल 300 रु।
सप्लाई में कमी से चीनी की कीमत बढ़ी है और इसके आगे भी और बढ़ने की संभावना है।
क्यों कम रह सकती है सप्लाई
महाराष्ट्र में असमान बारिश देखने को मिली है, जिससे गन्ने का उत्पादन कम रहा। यही वजह है कि गन्ने के कम उत्पादन से चीनी का उत्पादन प्रभावित होगा और फिर सप्लाई कम रहेगी। नतीजे में चीनी महंगी हो सकती है।
पिछले साल से ज्यादा हैं रेट
2021-22 के मुकाबले चीनी का उत्पादन 2022-23 में कम रहा है। घरेलू स्तर पर चीनी के दाम औसतन 35.6 रु प्रति किलो रहे हैं। ये कीमत 2022 से ज्यादा है। कीमतें कंट्रोल में रखने के लिए सरकार निर्यात को रोकने के लिए काम शुरू कर चुकी है।
