Noida International Airport: विमानन कंपनियों की वैश्विक संस्था आईएटीए (IATA) ने ग्रेटर नोएडा के जेवर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Noida International Airport) के लिए तीन अक्षरों वाले कोडनेम का आवंटन कर दिया है। हवाई अड्डे की चीफ ऑपरेशनल ऑफिसर (सीओओ) किरण जैन ने बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए डीएक्सएन (DXN) कोडनेम आवंटित किया है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला कोडनेम
नोएडा हवाई अड्डे ने IATA को 3-अक्षर कोड के लिए तीन विकल्प सुझाए, जिनमें से DXN को IATA ने चुना और एलॉट किया है। DXN में D दिल्ली का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि X पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करता है और N नोएडा का प्रतिनिधित्व करता है।
क्यों जारी किया जाता है कोडनेम
दुनियाभर में करीब 300 एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाला आईएटीए किसी हवाई अड्डे की विशिष्ट पहचान को सुनिश्चित करने के लिए तीन अक्षर का कोडनेम जारी करता है। इस कोडनेम से उड़ानों के ऑपरेशन और रूट तय करने में सहूलियत होती है। उदाहरण के लिए, JFK न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए IATA का कोड है
नोएडा हवाईअड्डे का फेज 1 2024 के अंत तक पूरा होने की संभावना है, तब ही हवाई अड्डा कमर्शियल ऑपरेशन भी शुरू करेगा।
40 साल में पूरा होगा एयरपोर्टल
टेस्ट फ्लाइट एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट शुरू होने से कुछ महीने पहले होंगी। फेज 1 के पूरा होने से प्रति वर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी। इसमें 3900 मीटर का एक रनवे (उत्तरी रनवे) होगा।
कुल मिलाकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चार फेज में डेवलप किया जाएगा। पहला पेज प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा। फेज 2 प्रति वर्ष 3.2 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान देगा। फेज 3 प्रति वर्ष 5.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा और अंत में फेज 4 के बाद प्रति वर्ष 7 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करेगा। सभी चार फेज का डेवलपमेंट अगले 40 वर्षों में होगा।
