Loan Recovery Agent का डर नहीं सताएगा, EMI नहीं भर पा रहे तो घबराएं नहीं; तुरंत करें ये काम

Stop Loan Recovery Agents: अगर आप भी बढ़ती ईएमआई के बोझ से परेशान हैं और समय पर लोन चुकाने में दिक्कत हो रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई बार अचानक आय में कमी, नौकरी छूटना या मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में किस्त भरना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बैंक या वित्तीय संस्थान से लोन रिस्ट्रक्चरिंग या मोराटोरियम का विकल्प लिया जा सकता है।

Stop Loan Recovery Agents: आज के समय में नौकरी में अस्थिरता, मेडिकल इमरजेंसी या अचानक इनकम कम हो जाने की वजह से कई लोग समय पर लोन EMI नहीं भर पाते।लोन की ईएमआई (EMI) न भर पाने पर जब रिकवरी एजेंट्स के फोन आने लगते हैं तो मानसिक तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय जानना जरूरी हो जाता है कि लोन लेने वाले व्यक्ति के पास भी कानूनी और बैंकिंग विकल्प मौजूद होते हैं। ठीक ऐसी स्थिति के लिए Restructuring और Moratorium आपके लिए 'कानूनी ढाल' का काम कर सकते हैं। Restructuring और Moratorium क्या है और ये दोनों उपाय कठिन समय में राहत कैसे दे सकते हैं आइए समझते हैं-

Loan Recovery Agent

क्या आपको भी सता रहा लोन रिकवरी एजेंट का डर (Photo: AI Generated)

Moratorium क्या है

सबसे पहले बात Moratorium की करते हैं। Moratorium का मतलब कुछ समय के लिए EMI भरने से अस्थायी छूट से होता है। उदाहरण के लिए मान लीजिए आपकी मासिक EMI 12,000 है और किसी कारणवश 3–4 महीने तक आय रुक गई है। ऐसे में बैंक आपको सीमित अवधि के लिए EMI टालने की अनुमति दे सकता है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि यह EMI माफ नहीं होती, बल्कि उस अवधि का ब्याज बाद में जुड़ जाता है। कोरोना काल में Reserve Bank of India ने बैंकों को मोरेटोरियम देने की अनुमति दी थी, जिससे लाखों लोगों को राहत मिली थी।

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