सस्ते में सोना बेचने वाली है सरकार? जानें- RBI कब लाएगा Sovereign Gold Bonds और आपको कितना मिलेगा ब्याज?

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 19, 2022, 01:12 PM IST

Sovereign Gold Bonds Date, Price, Interest and Payment Options: भारतीय रिजर्व बैंक के सर्कुलर में बताया गया है कि सोवरन गोल्ड बॉन्ड्स को लोन के कोलेट्रल (सहायक) के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है और यह ट्रेडिंग के लिए मान्य रहेगा। जिस तरह आप फिजिकल गोल्ड खरीदते हैं, उसी व्यवस्था के तहत इस मोड में भी केवाईसी नॉर्म्स एक जैसी रहेंगी।

Sovereign Gold Bonds Date, Price, Interest and Payment Options: गोल्ड स्वर्ण बॉन्ड 2022-23 का अगला निर्गम सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को खुलेगा। पांच दिन तक एप्लीकेशन के लिए खुले रहने वाले इस निर्गम की कीमत 5,409 रुपए प्रति ग्राम सोना तय किया हुआ है। यह जानकारी देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार (16 दिसंबर, 2022) को बताया कि सरकारी स्वर्ण बॉन्ड (एसजीबी) 2022-23 की सीरीज तीन अभिदान के लिए 19 दिसंबर से 23 दिसंबर तक खुलेगी, जबकि चौथी सीरीज छह से 10 मार्च, 2023 तक खुलेगी।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

कहां से खरीद सकेंगे गोल्ड बॉन्ड्स?

दरअसल, केंद्र सरकार की तरफ से यह बॉन्ड आरबीआई जारी करेगा। गोल्ड बॉन्ड की बिक्री अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (लघु वित्त बैंक, भुगतान बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, क्लीयरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, मनोनीत डाकघरों और शेयर बाजारों, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के जरिए की जाएगी।

...तो इतना दिया जाएगा ब्याज

गोल्ड बॉन्ड की मियाद आठ साल होगी, जिसमें पांच साल बाद ब्याज भुगतान की तारीख को समय से पहले भुनाने की सुविधा रहेगी। आरबीआई के मुताबिक, इसमें निवेशकों को अंकित मूल्य पर छमाही आधार पर 2.50 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा। अभिदान की अधिकतम सीमा व्यक्तियों के लिए चार किलोग्राम, अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ) के लिए चार किलोग्राम और न्यासों व समान संस्थाओं के लिए 20 किलोग्राम प्रति वित्त वर्ष है।

पेमेंट के तरीके भी जान लीजिए

सोवरन गोल्ड बॉन्ड का पेमेंट आप कैश के रूप में कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए अधिकतम सीमा 20 हजार रुपए है। यानी 20 हजार से अधिक का पेमेंट आप नकद में नहीं कर पाएंगे। वहीं, डीडी (डिमांड ड्राफ्ट), चेक या फिर ई-बैंकिंग के जरिए भी पेमेंट किया जा सकेगा। मूल्यवान धातु की भौतिक मांग में कमी लाने और सोना खरीदने में इस्तेमाल होने वाली घरेलू बचत के हिस्से को वित्तीय बचत के दायरे में लाने के इरादे से सबसे पहले गोल्ड बॉन्ड स्कीम नवंबर, 2015 में लाई गई थी। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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