Sony-Zee Merger: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट (Sony) के बीच विलय योजना को मंजूरी दे दी। इससे पहले 10 जुलाई को न्यायिक सदस्य एचवी सुब्बा राव और तकनीकी सदस्य मधु सिन्हा की डिविजन बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद ZEEL और Sony के बीच विलय योजना में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
सोनी और जी के मर्जर को NCLT की मंजूरी
बनेगी 82000 करोड़ रु की कंपनी
कई ऑपरेशनल और फाइनेंशियल क्रेडिटर्स ने एनसीएलटी में जी-सोनी विलय योजना पर आपत्ति जताई थी। मगर एनसीएलटी ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट (जिसे पहले सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के नाम से जाना जाता था) और जी के मेगा विलय से 10 अरब डॉलर (82673 करोड़ रु) की मीडिया कंपनी बनेगी।
2021 में हुई थी डील
सोनी और जी के मर्जर की घोषणा 2021 में की गई थी लेकिन कई कारणों से इसमें देरी होती गई। शुरुआत में विलय योजना को ज़ी के फाउंडर्स और इसके सबसे बड़े शेयरधारक के बीच एक अदालती कार्यवाही के कारण रोक दिया गया था। फिर बाद में इस डील को जी के खिलाफ दायर एक दिवालिया मामले के कारण फरवरी में रोक दिया गया था।
कौन होगा नई कंपनी का सीईओ
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार विलय समझौते के अनुसार, ZEEL के सीईओ सुभाष चंद्रा गोयनका पांच साल की अवधि के लिए जॉइंट कंपनी के एमडी और सीईओ का पद संभालेंगे। मगर हाल ही में, प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) ने सेबी द्वारा जारी अंतरिम आदेश को पलटने से इनकार कर दिया, जिसके तहत सुभाष चंद्र गोयनका और उनके बेटे पुनीत गोयनका को पब्लिक लिस्टेड कंपनियों के निदेशक या एक्जेक्यूटिव के रूप में काम करने से रोक दिया है।
इसेक बाद गोयनका ने कहा था कि वे सीईओ हों या नहीं विलय योजना आगे बढ़ेगी।
