SIP Mutual Fund Benefits: गिरावट पर खरीदना और तेजी पर बेचना निवेश पर प्रॉफिट कमाने का सबसे बुनियादी बात होती है। येन कैरी ट्रेड के खत्म होने और अमेरिका में मंदी की आशंकाओं के कारण दुनिया भर के इक्विटी निवेशक चिंतित हैं। म्यूचुअल फंड निवेशकों को इस बात की चिंता सता रही है कि क्या उन्हें इस गिरावट के बीच कुछ मुनाफा बुक करना चाहिए या इसके बजाय धीरे-धीरे अपने SIP को बढ़ाना चाहिए। सेंसेक्स के हाई लेवल से 4% गिरने के साथ, जानकारों का कहना है कि बाजार में गिरावट निवेशकों को कम कीमत पर अधिक यूनिट खरीदने का अवसर देती है।
SIP mutual fund investment.
फिसडम के वीपी रिसर्च सागर शिंदे के मुताबिक, “लॉन्ग टर्म निवेशकों को बाजार में गिरावट के दौरान अपने एसआईपी को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह स्ट्रैटजी लॉन्ग टर्म रिटर्न को काफी बढ़ा सकती है। बाजार में गिरावट कम कीमत पर अधिक यूनिट खरीदने का अवसर देती है, जो बाजार के ठीक होने पर पूरे रिटर्न में सुधार कर सकती है। एसआईपी के जरिए नियमित रूप से निवेश करने और गिरावट का फायदा उठाने से निवेशकों को रुपए की लागत औसत से प्रॉफिट मिलता है, जिससे समय के साथ बाजार में उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम होता है।”
म्यूचुअल फंड खरीदने का शानदार मौका
जून के पिछले सप्ताह के स्तर पर वापस मार्केट
दरअसल, 5 अगस्त को सेंसेक्स 30 78,768.42 (2,223 अंक नीचे) पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 24,055 (662 अंक नीचे) पर बंद हुआ। यह वह स्तर था जिस पर इस साल जून के आखिरी सप्ताह में सूचकांक थे। प्रॉफिट में इस गिरावट का उपयोग म्यूचअल फंड में निवेश करके लिया जा सकता है।
आवेग में आकर निवेश से बाहर न निकलें
विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ दिनों की अस्थिरता या गिरावट के बाद म्यूचुअल फंड से बाहर निकलना सही निर्णय नहीं हो सकता है। म्यूचुअल फंड, विशेष रूप से इक्विटी फंड को लॉन्ग टर्म निवेश माना जाता है जो कई सालों में अच्छा रिटर्न देते हैं।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें। विशेषज्ञों द्वारा दी गई सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं। ये टाइम्स नाउ नवभारत के विचारों नहीं हैं।
