Shiprocket Share Price : ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए लॉजिस्टिक्स सॉल्यूयान देने वाली Shiprocket की बुधवार 19 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार मे लिस्टिंग हुई। NSE पर शेयर ₹131 के भाव पर लिस्ट हुआ, जो ₹97 के IPO इश्यू प्राइस से 35.05% ज्यादा है। वहीं, BSE पर शेयर ₹129.50 पर लिस्ट हुआ। यानी निवेशकों को 33.51% का लिस्टिंग गेन मिला है। कंपनी की मार्केट कैप लिस्टिंग के बाद करीब ₹9,422.13 करोड़ पहुंच गया है।
शिपरॉकेट के शेयर में उछाल
Shiprocket के ₹1,617.5 करोड़ के IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। 12 से 14 अगस्त के बीच खुले इश्यू को कुल 99.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में भी करीब 36-37% के प्रीमियम के संकेत मिल रहे थे। ऐसे में शेयर की 35% की लिस्टिंग बाजार की उम्मीदों के लगभग मुताबिक ही रही।
एक लॉट पर कितना फायदा?
Shiprocket IPO में एक लॉट में 154 शेयर थे। ₹97 के इश्यू प्राइस पर एक लॉट के लिए निवेश ₹14,938 बैठता है। NSE पर ₹131 की लिस्टिंग कीमत के हिसाब से इसी लॉट की वैल्यू करीब ₹20,174 हो गई। यानी लिस्टिंग के समय निवेशकों को करीब ₹5,236 का फायदा मिला। अब सबसे बड़ा सवाल है कि इतनी मजबूत लिस्टिंग के बाद शेयर में पैसा लगाना चाहिए या मुनाफा बुक करना चाहिए?
Allotment मिला है तो क्या करें?
Anand Rathi Shares and Stock Brokers के फंडामेंटल रिसर्च हेड नरेंद्र सोलंकी के मुताबिक कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स इकोसिस्टम से फायदा उठा सकती है। कंपनी का कोर बिजनेस कारोबार के लिए स्थिर आधार देता है, जबकि उभरते कारोबार में आगे ग्रोथ की संभावना है। हालांकि बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और कारोबार की हिस्सेदारी बिखरने का एक बड़ा जोखिम है। लिहाजा, जिन निवेशकों को IPO में अलॉटमेंटमिला है, वे लिस्टिंग पर थोड़ा प्रॉफिट बुक कर सकते हैं।
क्या नया निवेश करना चाहिए?
Kantilal Chhaganlal Securities के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट महेश ओजा के मुताबिक मौजूदा निवेशकों के लिए आंशिक मुनाफावसूली और बाकी हिस्सेदारी बनाए रखने की राय दी है। वहीं, नए निवेशकों के लिए उनका रुख थोड़ा सतर्क है। उनके मुताबिक नए निवेशकों को अभी वेट एंड वाच करना बेहतर हो सकता है। अगले 1-2 तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन और प्रॉफिटेबिलिटी की तस्वीर ज्यादा साफ हो सकती है।
कंपनी करती क्या है?
Temasek और Zomato जैसे बड़े निवेशकों के समर्थन वाली Shiprocket पहले मुख्य रूप से shipping services से जुड़ी कंपनी थी। अब यह direct-to-consumer brands और MSME कारोबारों के लिए full-stack e-commerce enablement platform बन चुकी है। कंपनी का कोर बिजनेस शिपिंग से लेकर लास्ट माइल डिलीवरी तक की सुविधा देना है।
एक्सपर्ट व्यू: यह निवेश सलाह अलग-अलग प्लेटफॉर्म और मीडिया रिपोर्ट्स में एक्सपर्ट की तरफ से व्यक्त किए गए विचारों पर आधारित है।
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