Share Market Today : भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। कमजोर ग्लोबल संकेतों, एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरू हुआ कारोबार
महंगे कच्चे तेल का असर पेंट, टायर, एविएशन, ऑयल मार्केटिंग और कॉस्ट सेंसिटिव कंपनियों के शेयरों पर पड़ सकता है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों पर इसका प्रभाव उनके कारोबार और लागत संरचना के हिसाब से अलग हो सकता है।
शुरुआती कारोबार में Sensex 700 अंक से ज्यादा टूटकर 73,005.11 अंक तक फिसल गया। इसी तरह निफ्टी 253 अंक नीचे 22,557.95 तक आ गया है।
बाजार में बिकवाली का दबाव केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉड मार्केट में जहां सभी इंडेक्स में बिकवाली हावी है। खासतौर पर मिड और स्मॉल कैप शेयरों में 1 से 2 फीसदी तक गिरावट हुई है। वहीं, सेक्टोरल मार्केट में भी सिर्फ आईटी इंडेक्स और स्टॉक्स हरे रंग में हैं।
बाजार पर क्यों हावी हुई बिकवाली?
1. एशियाई बाजारों में भारी गिरावट : भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा दबाव कमजोर एशियाई संकेतों से आया। सुबह के कारोबार में Hang Seng करीब 2.84% और दक्षिण कोरिया का KOSPI लगभग 2.59% टूट गया। जापान का Nikkei 225 भी 1.73% नीचे कारोबार कर रहा था। ऐसे में विदेशी बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों ने घरेलू निवेशकों का भरोसा प्रभावित किया।
2. कच्चा तेल 110 डॉलर के पार : कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी बाजार की चिंता बढ़ा रही है। सुबह Brent Crude का भाव करीब 1.56% उछलकर 110.52 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए लंबे समय तक महंगा क्रूड रहने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है।
3. बाजार में बढ़ी अस्थिरता : बाजार की अस्थिरता का संकेत देने वाला India VIX शुरुआती कारोबार में 5.05% उछलकर 16.47 पर पहुंच गया। VIX में तेजी बताती है कि निवेशकों के बीच निकट अवधि में बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे माहौल में शेयरों में तेज मूवमेंट देखने को मिल सकता है।
मेटल और ऑटो शेयरों में ज्यादा दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो शुरुआती कारोबार में Nifty Metal करीब 1.85% और Nifty Auto लगभग 1.77% नीचे था। Nifty Chemicals में करीब 1.63%, FMCG में 1.38% और Pharma में 1.10% की गिरावट दर्ज की गई। Nifty Financial Services करीब 0.90% और Nifty Bank लगभग 0.54% कमजोर था।
IT शेयरों में गिरावट तुलनात्मक रूप से सीमित रही। Nifty IT करीब 0.17% नीचे कारोबार कर रहा था। इससे साफ है कि शुरुआती दबाव कई सेक्टरों में फैला हुआ था, हालांकि गिरावट की तीव्रता अलग-अलग रही।
दबाव में मिडकैप-स्मॉलकैप शेयर
ब्रॉड मार्केट में भी बिकवाली देखने को मिली। Nifty Midcap 100 करीब 1.22% और Nifty Smallcap 100 लगभग 1.02% गिरा। Nifty 500 में भी करीब 1.06% की कमजोरी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि दबाव केवल चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं था।
निवेशक आज किन संकेतों पर रखें नजर?
आज बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें, एशियाई बाजारों का रुख और India VIX की चाल अहम रह सकती है। इसके अलावा, शुरुआती गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी आती है या बिकवाली तेज होती है, इस पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
कुल मिलाकर, कमजोर वैश्विक संकेतों, महंगे क्रूड और बढ़ती अस्थिरता के बीच बाजार की शुरुआत कमजोर रही। हालांकि, शुरुआती आंकड़ों के आधार पर पूरे कारोबारी सत्र की दिशा तय मानना जल्दबाजी होगी। निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अपने जोखिम और निवेश की अवधि को ध्यान में रखकर फैसले लेने चाहिए।
