Sensex-Nifty Gift Nifty Share Market: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। होली की छुट्टी के चलते भारतीय शेयर बाजार 3 मार्च को बंद रहे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संकेत बेहद कमजोर हैं। GIFT Nifty, एशियाई बाजार, क्रूड और डॉलर इंडेक्स सभी भारी दबाव का संकेत दे रहे हैं। ऐसे में 4 मार्च को बाजार खुलते ही तेज गैप डाउन की आशंका मजबूत हो गई है।
बाजार में आने वाली है तबाही
GIFT Nifty दे रहा साफ इशारा
GIFT Nifty करीब 554 अंक यानी 2.22 प्रतिशत टूटकर 24,438 के आसपास ट्रेड करता दिखा। यह स्तर बताता है कि निफ्टी 50 की ओपनिंग 24,400 के नीचे हो सकती है। फ्यूचर्स में लगातार दबाव यह संकेत दे रहा है कि विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली का रुख बना हुआ है और सेंटीमेंट फिलहाल रिस्क-ऑफ मोड में है।
एशिया में तेज बिकवाली का दबाव
एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 तीन प्रतिशत से ज्यादा लुढ़का, जबकि कोस्पी में भी तेज गिरावट रही। हैंगसेंग और शंघाई कंपोजिट लाल निशान में बंद हुए। एशिया की यह कमजोरी बताती है कि भू-राजनीतिक तनाव का असर सिर्फ कमोडिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इक्विटी बाजारों में भी जोखिम घटाने की होड़ मची है।
| रैंक | इंडेक्स | क्षेत्र | LTP | गिरावट (अंक) | गिरावट (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | KOSPI | एशिया | 5,791 | -452 | -7.81% |
| 2 | DAX | यूरोप | 23,768 | -869 | -3.53% |
| 3 | Nikkei 225 | एशिया | 56,279 | -1,778 | -3.16% |
| 4 | CAC 40 | यूरोप | 8,153 | -240 | -2.87% |
| 5 | FTSE 100 | यूरोप | 10,506 | -273 | -2.54% |
यूरोप और अमेरिका में भी बेचैनी
यूरोपीय बाजारों में जर्मनी का DAX तीन प्रतिशत से ज्यादा गिरा, जबकि CAC और FTSE में दो से ढाई प्रतिशत तक की कमजोरी रही। अमेरिकी बाजारों में डाउ फ्यूचर्स करीब 700 अंक नीचे दिखे। हालांकि टेक शेयरों में सीमित मजबूती देखी गई, लेकिन ओवरऑल मूड डिफेंसिव बना हुआ है। निवेशक सुरक्षित एसेट की ओर रुख कर रहे हैं।
क्रूड की तेजी से बढ़ी चिंता
ब्रेंट क्रूड करीब सात प्रतिशत उछलकर 83 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ी है, खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को लेकर चिंता गहराई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह झटका दोहरा है। ऊंचे कच्चे तेल से आयात बिल बढ़ेगा, चालू खाता घाटा दबाव में आएगा और महंगाई का जोखिम भी बढ़ेगा।
| एसेट | आखिरी स्तर (लगभग) | बदलाव | बदलाव (%) | ट्रेंड |
|---|---|---|---|---|
| ब्रेंट क्रूड | $83.35 | +5.61 | +7.21% | तेज उछाल |
| WTI क्रूड | $76.25 | +5.02 | +7.04% | मजबूत तेजी |
| डॉलर इंडेक्स (DXY) | 99.18 | +0.80 | +0.81% | मजबूती |
डॉलर मजबूत, रुपये पर दबाव
डॉलर इंडेक्स में मजबूती दर्ज की गई है और USD/INR 91.47 के आसपास पहुंच चुका है। मजबूत डॉलर और महंगे क्रूड का कॉम्बिनेशन विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों से पैसा निकालने का कारण बन सकता है। इससे भारतीय बाजार में शुरुआती दबाव और गहरा हो सकता है।
4 मार्च को कैसी रहेगी ओपनिंग
तकनीकी संकेत बताते हैं कि यदि निफ्टी 24,400 के नीचे खुलता है तो 24,200 से 24,000 तक का स्तर तेजी से टेस्ट हो सकता है। बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में ज्यादा दबाव दिख सकता है, जबकि डिफेंसिव सेक्टर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ग्लोबल संकेत फिलहाल यही बता रहे हैं कि होली के बाद बाजार में रंग से ज्यादा लाल निशान दिख सकते हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह गिरावट घबराहट में बदलती है या निवेशकों को नए अवसर देती है।
कितने फीसदी गिरावट पर कितना टूटेगा बाजार?
2 मार्च की क्लोजिंग के आधार पर अगर निफ्टी 1% टूटता है, तो करीब 249 अंक फिसलकर 24,617 के पास आएगा, जबकि 2% गिरावट पर यह लगभग 497 अंक गिरकर 24,368 के आसपास पहुंच सकता है। 3% की कमजोरी में निफ्टी 746 अंक टूटकर 24,119 के पास और 5% की बड़ी गिरावट में करीब 1,243 अंक लुढ़ककर 23,622 तक आ सकता है। इसी तरह सेंसेक्स में 1% गिरावट करीब 802 अंक, 2% पर 1,605 अंक, 3% पर 2,407 अंक और 5% की तेज बिकवाली में लगभग 4,012 अंकों की गिरावट दर्ज हो सकती है।
| गिरावट (%) | निफ्टी में गिरावट (अंक) | संभावित स्तर | सेंसेक्स में गिरावट (अंक) | संभावित स्तर |
|---|---|---|---|---|
| 1% | 249 अंक | 24,617.04 | 802 अंक | 79,436.46 |
| 2% | 497 अंक | 24,368.39 | 1,605 अंक | 78,634.07 |
| 3% | 746 अंक | 24,119.73 | 2,407 अंक | 77,831.68 |
| 4% | 995 अंक | 23,871.07 | 3,210 अंक | 77,029.30 |
| 5% | 1,243 अंक | 23,622.42 | 4,012 अंक | 76,226.91 |
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