भारत का सेवा क्षेत्र देश के लगभग 30 प्रतिशत कार्यबल को रोजगार देता है: नीति रिपोर्ट

नीति आयोग की रिपोर्ट में सेवा क्षेत्र में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने के लिए संरचनात्मक सुधारों, सामाजिक सुरक्षा में तेजी लाने, अनौपचारिक श्रमिक पंजीकरण के डिजिटलीकरण और देखभाल सेवाओं को औपचारिक बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

नीति आयोग ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि भारत का सेवा क्षेत्र देश के लगभग 30 प्रतिशत कार्यबल को रोजगार देता है, जो धीमे संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। यह आंकड़ा अभी भी वैश्विक औसत 50 प्रतिशत से कम है। आयोग ने ‘भारत का सेवा क्षेत्र: रोजगार के रुझान और राज्य-स्तरीय गतिशीलता से मिली अंतर्दृष्टि’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में कहा कि सेवाएं भारत की रोजगार वृद्धि और महामारी के बाद सुधार का मुख्य आधार बनी हुई हैं।

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सेवाएं भारत की रोजगार वृद्धि और महामारी के बाद सुधार का मुख्य आधार बनी हुई हैं। (फोटो क्रेडिट-iStock)

आयोग ने कहा, ‘‘सेवा क्षेत्र में रोजगार 2011-12 के 26.9 प्रतिशत की तुलना में 2023-24 में बढ़कर 29.7 प्रतिशत हो गया और पिछले छह वर्षों में चार करोड़ नौकरियों का उतन्न हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘हालांकि, यह अभी भी वैश्विक औसत 50 प्रतिशत से पीछे है, जो धीमे संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है।’’

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