SC rejects JSW Steel's Bhushan Power and Steel resolution plan: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को JSW स्टील को बड़ा झटका देते हुए भूषण पावर एंड स्टील (BPSL) के लिए उसकी रिज़ॉल्यूशन योजना को अवैध करार देते हुए खारिज कर दिया है और कंपनी के लिक्विडेशन (विलय) का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि JSW स्टील ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लंबित कार्यवाही का अनुचित लाभ उठाया और दो वर्षों तक योजना लागू न कर दिवालिया प्रक्रिया (IBC) की मूल भावना को विफल किया।
JSW स्टील की भूषण पावर एंड स्टील रिजॉल्यूशन योजना खारिज।
न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि JSW स्टील, ऋणदाताओं की समिति (CoC), और रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल ने IBC 2016 के नियमों का गंभीर उल्लंघन किया और कई जरूरी मुद्दों को नजरअंदाज किया। अदालत ने इसे “बेईमान और दुर्भावनापूर्ण मंशा” बताते हुए कहा कि JSW स्टील ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर अदालत को गुमराह किया।
कोर्ट की मुख्य बातें
- JSW स्टील ने IBC की अनिवार्य शर्तों का उल्लंघन किया।
- रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल अपने वैधानिक कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे।
- ऋणदाताओं की समिति (CoC) ने व्यावसायिक विवेक का सही उपयोग नहीं किया।
JSW स्टील ने अपनी योजना के तहत वित्तीय ऋणदाताओं को ₹19,350 करोड़ और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स को ₹350 करोड़ देने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को JSW स्टील के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई और यह ₹970.50 पर आ गया, जो 5.76% की गिरावट को दर्शाता है।
क्या हुआ था
2019 में NCLT ने JSW स्टील की योजना को मंजूरी दी थी जिसे 2020 में NCLAT ने भी सही ठहराया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में ED को BPSL की ₹4,025 करोड़ की संपत्तियां JSW को सौंपने का निर्देश दिया था। लेकिन अब, शीर्ष अदालत ने पूरी योजना को रद्द कर दिया है और कंपनी के परिसमापन (liquidation) की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
