Cheap House Sales: भारत में जितने मकान हर महीने या तिमाही में बिकते हैं, उनमें बड़ी हिस्सेदारी सस्ते मकानों की रहती है। मगर अब ये हिस्सेदारी घटी है। बता दें कि देश के आठ प्रमुख शहरों में 2024 की जनवरी-मार्च तिमाही में कुल घरों की बिक्री में सस्ते आवासों की हिस्सेदारी घटकर 22 प्रतिशत रह गई है। टॉप 8 शहरों में अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर), और पुणे शामिल हैं। दिल्ली-एनसीआर में गाजियाबाद, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और गुरुग्राम शामिल हैं, जबकि एमएमआर में मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई शामिल हैं। यहां 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों को सस्ते आवासों की कैटेगरी में रखा गया है। हाउसिंग ब्रोकरेज कंपनी प्रॉपटाइगर.कॉम के अनुसार, 2023 की पहली तिमाही में कुल घरों की बिक्री में सस्ते घरों का हिस्सा 48 प्रतिशत रहा था। यानी देखा जाए तो पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले 2024 की समान तिमाही कुल मकानों की बिक्री में सस्ते मकानों की हिस्सेदारी आधे से भी कम रह गयी है।
भारत में सस्ते मकान की बिक्री
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कुल आवासों की बिक्री में जोरदार बढ़त
आंकड़ों के अनुसार टॉप 8 शहरों में जनवरी-मार्च 2024 के दौरान कुल आवास बिक्री 41 प्रतिशत बढ़कर 1,20,640 इकाई हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 85,840 इकाई थी। जनवरी-मार्च में बिके कुल 1,20,640 घरों में 25 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों की संख्या पांच प्रतिशत रही।
पिछले साल समान अवधि में कुल बिक्री में इस श्रेणी के घरों (25 लाख रुपये से कम कीमत वाले घर) की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत रही थी। यानी इस कैटेगरी के घरों की हिस्सेदारी घटकर एक-तिहाई रह गई।
25-45 लाख रुपये वाले घरों की बिक्री
जनवरी-मार्च, 2024 तिमाही में 25-45 लाख रुपये वाले घरों का कुल बिक्री में हिस्सा 17 प्रतिशत रहा है। बीते साल समान तिमाही इन घरों की बिक्री का कुल घरों की बिक्री में हिस्सा 23 प्रतिशत रहा था।
