1 अप्रैल से बदल जाएगी आपकी सैलरी! हाथ में कम आएगा पैसा या बढ़ेगी बचत? जानें क्या होगा असर?

1 अप्रैल से, आपकी सैलरी स्लिप अलग दिख सकती है, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव इनकम टैक्स में दिखाई देगा। आजादी के बाद से चले आ रहे 'इनकम टैक्स एक्ट 1961' को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। 1 अप्रैल 2026 से 'Income Tax Act, 2025' लागू होगा। नए कानून की भाषा को सरल बनाना और विवादों को कम करना।

1 अप्रैल, 2026 से दो बड़े बदलाव एक साथ लागू होंगे। पहला नया लेबर कोड लागू होगा और दूसरा नया इनकम टैक्स एक्ट को लागू किया जाएगा। नए लेबर कोड में बदलाव को देखते हुए कई कंपनियां पहले ही कर्मचारियों की सैलरी के हिस्सों और रिटायरमेंट से जुड़े फायदों में जरूरी बदलाव कर चुकी हैं, जबकि बाकी कंपनियां भी जल्द ही ऐसा करने वाली हैं। हालांकि, इसका मुख्य मकसद लगभग वही नए नियमों का पालन करते हुए, कर्मचारियों के हाथ में आने वाली सैलरी को लगभग पहले जैसा ही बनाए रखना।

Salary Slip

सैलरी

क्या होंगे अहम बदलाव?

नए लेबर कानून में वेतन (wages) की एक नई परिभाषा यह पक्का करती है कि बेसिक सैलरी और वेतन से जुड़े दूसरे हिस्से, कुल सैलरी का कम से कम 50% हों। इसका मतलब है कि कंपनियां बेसिक सैलरी बढ़ा सकती हैं और उसी हिसाब से दूसरे भत्तों में कमी कर सकती हैं। आसान सैलरी स्ट्रक्चर नए टैक्स सिस्टम की ओर बदलाव को बढ़ावा दे रही हैं, जैसे-जैसे कंपनियां अपनी सैलरी स्ट्रक्चर को सरल बना रही हैं, कई पारंपरिक भत्ते समय के साथ कम हो सकते हैं या पूरी तरह खत्म हो सकते हैं।

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